नगर की तकरीबन सौ साल पुरानी प्राचीनतम लाइब्रेरी का मुनि श्री अक्षय सागर जी महाराज ने अवलोकन किया। मुनिश्री दुर्लभ एवं प्राचीनतम ग्रंथों को पढ़ने में विशेष रुचि रखते हैं। उन्होंने लाइब्रेरी के इतिहास के बारे में जानकारी ली। सनावद से पढ़िए, सन्मति जैन काका की यह खबर…
सनावद। नगर की तकरीबन सौ साल पुरानी प्राचीनतम लाइब्रेरी का मुनि श्री अक्षय सागर जी महाराज ने अवलोकन किया। दुर्लभ एवं प्राचीनतम ग्रंथों को पढ़ने में विशेष रुचि रखने वाले मुनि श्री अक्षय सागर महामुनिराज ने प्रिंस यशवंत शारदा लाइब्रेरी पहुंचकर संपूर्ण लाइब्रेरी का अवलोकन किया एवं भवन के इंचार्ज राजेंद्रकुमार शर्मा से लाइब्रेरी के इतिहास को जाना एवं भवन में सहेजकर रखे प्राचीनतम एवं दुर्लभ ग्रंथों एवं किताबों एवं पत्रिकाओं का अवलोकन किया एवं जानकारी ली।
मुनि श्री ने कहा कि तकरीबन सौ साल पुराने भवन एवं भवन के अंदर रखी इतनी पुरानी पत्रिकाओं, किताबों एवं शास्त्रों को सहेजना बहुत ही दुर्लभ एवं प्रशंसनीय है। यह भवन भविष्य में और निरंतर गति करें एवं नगर में सभी प्रबुद्धजन इस वाचनालय को संवारने में अपनी भूमिका निभाएं। इस अवसर पर डॉ यतीश जैन, अचिंत्य जैन, कमलेश भूच, राजेंद्र शर्मा, भैरूलाल व्यास उपस्थित थे।













Add Comment