ज्योतिषी ग्रह नक्षत्रों के अनुसार आगामी जुलाई से 15 सितंबर तक झमाझम होने के संकेत मिल रहे हैं। अति वर्षा के कारण अनेकों स्थानों पर बाढ़ से हानि की संभावना दिखाई दे रही है। इस बार 22 जून रविवार आद्रा नक्षत्र में सूर्य प्रातः 6.18 बजे प्रवेश करेगा। मुरैना से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर…
मुरैना। ज्योतिषी ग्रह नक्षत्रों के अनुसार आगामी जुलाई से 15 सितंबर तक झमाझम होने के संकेत मिल रहे हैं। अति वर्षा के कारण अनेकों स्थानों पर बाढ़ से हानि की संभावना दिखाई दे रही है। इस बार 22 जून रविवार आद्रा नक्षत्र में सूर्य प्रातः 6.18 बजे प्रवेश करेगा। इस समय राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली अक्षांश 28ः39/रेखांश 77ः 13 पर मिथुन लग्न रहेगी। वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन ने बताया कि 22 जून से सितंबर माह तक ग्रह/नक्षत्रों की युति भरपूर बारिश कराएगी। अनेक स्थानों पर जल प्लावन, बाढ़ भी आएगी। इससे जन जीवन अस्त व्यस्त होगा। ज्योतिषाचार्य डॉ. जैन ने कहा कि द्वादशी तिथि को आद्रा प्रवेश होने से मनुष्य को अनेकानेक शुभ फल होते है। यानी मानसून समय पर भरपूर बरसते हैं। रविवार को सूर्य आद्रा नक्षत्र में प्रवेश करने से वर्षाकाल पशुओं के लिए अज्ञात रोग आदि से हानिकारक हैं। भरणी नक्षत्र में सूर्य आद्रा में प्रवेश से मनुष्यों में रोग का भय बना रहता है। सूर्य के आद्रा नक्षत्र में प्रवेश के समय सुकर्मा योग होने से ब्राह्मण, ज्ञानी, संत जन अपनी ज्ञान, साधना करने में उद्यत हो जाएंगे।
सूर्याेदय समय पर आद्रा प्रवेश से भय और रोग का डर
आद्रा प्रवेश लग्न के समय बुध स्वराशि में सूर्य$ गुरु के साथ लग्न में स्थित है। एकादश भाव में चंद्रमा $ शुक्र ग्रह की युति वर्षाकाल में श्रेष्ठ वर्षा योग बना रही है। 22 जून से 6 जुलाई तक सूर्य आद्रा नक्षत्र में रहेंगे। स्त्री पुरुष नक्षत्र योग तेज और सर्वत्र अच्छी वर्षा का संकेत है। खेती के लिए समय उत्तम है।सूर्याेदय समय पर आद्रा प्रवेश से भय और रोग का डर रहेगा ।
जुलाई मध्य में कमजोर रहेगा मानसून
ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन ने बताया कि 6 जुलाई से 20 जुलाई तक सूर्य पुनर्वसु नक्षत्र में रहेंगे। इस समय के ग्रह योग कमजोर बारिश के हैं। कुछ स्थानों पर बादल छाए रहेंगे लेकिन, वारिश कम होने से किसानों की चिंता बढ़ेगी। उत्तर और मध्य भारत के कुछ स्थान सूखे की चपेट में दिखेंगे। 20 जुलाई से 3 अगस्त तक सूर्य पुष्य नक्षत्र में रहेंगे। साथ ही 26 जुलाई से 20 अगस्त तक गुरु $ शुक्र ग्रह की युति एवं 20 अगस्त से 30 अगस्त तक कर्क राशि में बुध$शुक्र ग्रह की युति तेज बारिश होगी।
कई इलाकों में नदी नाले उफान पर आने से बाढ़ का खतरा बनेगा। इसलिए निचले इलाकों और नदी नाले के आसपास अलर्ट रहने की जरूरत है। जैसे-जैसे सूर्य अश्लेषा ,मघा, और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में भ्रमण करेगा, देश के कई स्थानों पर अगस्त और सितंबर के प्रथम सप्ताह में मूसलाधार बारिश, बाढ़ से जन धन की हानि हो सकती है। खास कर बिहार, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, बंगाल असम, मेघालय क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं। शनि-मंगल का षडाष्टक योग एवं मंगल-राहु का सम सप्तक योग कहीं अतिवृष्टि तो कुछ स्थानों पर अनावृष्टि भू-स्खलन, भूकंप जैसी प्राकृतिक उत्पात, आतंकवादी गतिविधियों में वृद्धि, यूरोपीय देशों में आपसी युद्ध की आशंका से जगत में भय रहेगा।













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