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मुनि श्री पूज्य सागर जी के प्रथम शिक्षा गुरु और व्रत प्रदाता हैं आचार्य श्री : आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज को प्रतिष्ठित काष्ठ जिनवाणी समर्पित         


मुनि श्री पूज्य सागर जी के प्रथम शिक्षा गुरु और व्रत प्रदाता आचार्य श्री वर्धमान सागर जी को जिनवाणी माता श्री नमीष जैन, अध्यक्ष पोरवाड़ समाज, इंदौर ने आचार्य श्री के कर कमलों में समर्पित किया। पढ़िए राजेश पंचोलिया की रिपोर्ट…


टोंक। प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज, मूल बाल ब्रह्मचारी और पंचम पट्ट परंपरा के पंचम पट्टाधीश 108 आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज, संयमी जीवन का 57वां वर्षायोग टोंक नगर में मना रहे हैं। प्रथमाचार्य श्री शांति सागर जी का आचार्य पद प्रतिस्थापना शताब्दी महोत्सव पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की प्रेरणा से भारत के सभी राज्यों में मनाआया जा रहा है। इसी तारतम्य में, परमपूज्य निमाड़ गौरव मुनि श्री पूज्य सागर जी द्वारा 28 सितंबर को इंदौर में काष्ठ जिनवाणी माता की मंत्रोच्चार विधि के साथ प्रतिष्ठा संपन्न हुई।

मुनि श्री पूज्य सागर जी के प्रथम शिक्षा गुरु और व्रत प्रदाता आचार्य श्री वर्धमान सागर जी को जिनवाणी माता नमीष जैन, अध्यक्ष पोरवाड़ समाज, इंदौर ने आचार्य श्री के कर कमलों में समर्पित किया। इस अवसर पर निमाड़ के बाल ब्रह्मचारी गज्जू भैया, राजेश पंचोलिया (इंदौर), पवन धनोते (सनावद), श्रेणिक मंडलोई (महेश्वर), प्रवीण बड़वाह, आयुषी श्रद्धेय बड़वाह सहित अनेक भक्त उपस्थित थे। इसके अलावा, नमीष जैन ने श्रीफल भेंट कर आचार्य श्री से निवेदन किया कि वे इंदौर में वर्ष 2026 एवं वर्ष 2027 का चातुर्मास करें।

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