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शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में सिद्ध चक्र महामंडल विधान का आयोजन : श्रावक की क्रियाओं में सबसे प्रमुख दान क्रिया- आर्यिका सुप्रज्ञामति माताजी 


सकल दिगम्बर जैन समाज भीलूड़ा के तत्वाधान में शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर भीलूड़ा में सिद्ध चक्र महामंडल विधान का नव दिवसीय आयोजन के छठे दिन शनिवार को विविध धार्मिक संगीतमय अनुष्ठान हुए। प्रातः कालीन मूल नायक शांतिनाथ भगवान का पंचामृत अभिषेक, शांति धारा गुरुदेव पूज्य गुरुवर श्री आज्ञासागर महाराज ससंघ एवं मुनि शेलनंदी तथा मुनि यादवेंद्र सागर ससंघ के सानिध्य में किया गया। पढ़िए सुरेश चंद्र गांधी की रिपोर्ट…


भीलूड़ा। सकल दिगम्बर जैन समाज भीलूड़ा के तत्वाधान में शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर भीलूड़ा में सिद्ध चक्र महामंडल विधान का नव दिवसीय आयोजन के छठे दिन शनिवार को विविध धार्मिक संगीतमय अनुष्ठान हुए। प्रातः कालीन मूल नायक शांतिनाथ भगवान का पंचामृत अभिषेक, शांति धारा गुरुदेव पूज्य गुरुवर श्री आज्ञासागर महाराज ससंघ एवं मुनि शेलनंदी तथा मुनि यादवेंद्र सागर ससंघ के सानिध्य में किया गया। विधान पांडाल में शांतिनाथ भगवान का अभिषेक का लाभ सेठ विजयपाल परिवार चन्दुजी का गड़ा ने लिया, मन्दिर के अंदर बड़ी शान्तिधारा अभिषेक का लाभ भरड़ा हीरेन हेमंत परिवार भीलूड़ा ने लिया। मुनि संघ के पाद प्रक्षालन का लाभ चुंडावत सुमतीलाल परिवार निठाउवा गामड़ी ने लिया।

आयोजन भरड़ा शांता देवी स्व: चांदमल भरड़ा, दीपिका जयंत कुमार भरड़ा, शीला दीपक कुमार भरड़ा, संध्या भावेश कुमार भरड़ा परिवार द्वारा आयोजित हो रहा हैं। दीप प्रज्वलित कर आयोजन का शुभारम्भ 18 हजार दशा हुमड़ जैन समाज अध्यक्ष दिनेश खोड़निया, धनपाल सेठ सरोदा, अशोक दोसी पुनर्वास कॉलोनी सागवाड़ा, दिगंबर जैन समाज नौगामा के पंच, सुरेन्द्र शाह जेठाणा के आतिथ्य में हुआ। आगंतुक अतिथियों का आयोजक परिवार एवं समाजजनो द्वारा स्वागत किया गया। सिद्ध चक्र महामंडल विधान परतापुर में आयोजन के लिए जैन समाज परतापुर ने मुनि श्री को श्रीफल भेंट किया। 18 हजार जैन समाज अध्यक्ष ने समाजजनों को संबोधित किया। विधानाचार्य पंडित नितिन कुमार शास्त्री एवं पंडित धनपाल शाह के निर्देशन में सिद्ध चक्र महामंडल आराधना महोत्सव में आयोजक परिवार एवं समाजजनो ने विधान पूजन में 256 अर्घ्य पूजन कर चढ़ाए गए।

इसके बाद सुप्रज्ञामति माताजी ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि श्रावक की क्रियाओं में सबसे प्रमुख दान क्रिया है, जिसमें श्रावक की षट् आवश्यक क्रियाओं का पालन हो जाता है। सायंकालीन श्रीजी की आरती, विधान की आरती, गुरु आरती, स्वाध्याय सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं शानु एंड पार्टी अलवर ने स्थानीय लोगों को पात्र बनाकर सुंदर नाटक का मंचन किया। जैन समाज अध्यक्ष अरविंद जैन, उपाध्यक्ष ओमप्रकाश भरड़ा, धर्मेंद्र जैन, रमणलाल टुकावत, सुभाषचंद्र शाह, महेश कुमार भरड़ा, विनोद जैन, मोहित जैन, भूपेंद्र जैन, विक्रांत जैन एवं बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे। डूंगरपुर एवं बांसवाडा जिले के कई गांवों से समाजजनों ने धार्मिक आयोजन में सम्मिलित होकर धर्म लाभ एवं मुनि संघ का आशीर्वाद लिया।

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