श्री दिगंबर जैन नया मंदिर में अष्टाह्निका पर्व के मौके पर आयोजित श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान के अवसर अनुनय बालिका मंडल द्वारा भगवान नेमीकुमार और राजुल के विवाह की प्रस्तुति नाटक मंच के रूप में दी गई। टीकमगढ़ से पढ़िए, मुकेश जैन लार की यह खबर…
टीकमगढ़। श्री दिगंबर जैन नया मंदिर में अष्टाह्निका पर्व के मौके पर आयोजित श्री सिद्ध चक्र महामंडल विधान के अवसर अनुनय बालिका मंडल द्वारा भगवान नेमीकुमार और राजुल के विवाह की प्रस्तुति नाटक मंच के रूप में दी गई। नाटक का शुभारंभ मंगलाचरण के रूप में बालिका मंडल की बच्चियों द्वारा मनमोहक प्रस्तुति के साथ हुआ। इस मौके पर नाटक में श्रीकृष्ण के चचेरे भाई एवं जैन आगम के 22वें तीर्थंकर भगवान नेमीनाथ की विवाह की तैयारियां एवं वैराग्य के दृश्यों को दर्शाया गया। इस दौरान विवाह समारोह में वध के लिए लाए पशुओं की पीड़ा देखकर नेमीकुमार को वैराग्य उमड़ आता है और वह गिरनार पर्वत पर जाकर तपस्या करने लगते हैं। बाद में राजुल भी नेमीकुमार के लिए विलाप करती हैं और बाद में खुद भी आर्यिका दीक्षा लेकर तपस्या करती हैं। जिसे सुनकर समूचा सभागार भाव विभोर हो उठे। इससे पूर्व बालिका मंडल की ओर नेमीनाथ राजूल के विवाह की तैयारियां, नेमीनाथ के तोरण पर बारात लेकर पहुंचने के बाद करूण पशुओं की चित्कार सुनकर तोरण से वापस लौटने, राजूल का विलाप उसके पश्चात नेमीनाथ राजुल का गढ़ गिरनार पर संयम ग्रहण कर मोक्ष जाने तक के दृश्यों को बताए।
इन्होंने निभाई भूमिका
नाटक में रिमी, सिमी, पूजा, पलक, अंशिका, आस्था, मिनी,परी,गुनगुन,प्रतिभा,पूर्ति,डेंन्सि,नव्या,सानू,राज,यश द्वारा नाटक मे मुख्य किरदार की भूमिका निभाई गई। नाटक के दौरान राजकुमार नेमी की बारात समाजजनों द्वारा हर्षोल्लास से निकाली गई। इसके बाद उनके वैराग्य का चित्रण दिखाया गया। इस दौरान डॉक्टर शिखर चंद्र जैन,पंडित कमल कुमार शास्त्री,वीरेन्द्र सापोंन, दीक्षा जैन बुंदेलखंद फर्नीचर्स आदि मौजूद रहे। पुण्यार्जक परिवार संतोष जैन पठा वाले संतोष मेडिकल द्वारा बालिका मंडल स्वगत सम्मान एवं आभार व्यक्त किया गया।









Add Comment