वर्तमान डिजिटल युग में जहां युवा पीढ़ी तेजी से पाश्चात्य प्रभावों और कुरीतियों की ओर आकर्षित हो रही है, वहीं श्री दिगंबर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान, सांगानेर के मार्गदर्शन में छिंदवाड़ा का चौरई शहर एक ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायी पहल का साक्षी बनने जा रहा है। छिंदवाड़ा से पढ़िए, राजीव सिंघई मोनू की यह खबर…
छिंदवाड़ा। वर्तमान डिजिटल युग में जहां युवा पीढ़ी तेजी से पाश्चात्य प्रभावों और कुरीतियों की ओर आकर्षित हो रही है, वहीं श्री दिगंबर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान, सांगानेर के मार्गदर्शन में छिंदवाड़ा का चौरई शहर एक ऐतिहासिक एवं प्रेरणादायी पहल का साक्षी बनने जा रहा है। जैन संस्कार 360 डिग्री डिजिटल युग संस्कार शिविर 22 से 31 मार्च तक श्री शांतिनाथ भवन, जैन धर्मशाला, छोटी बाजार चौरई, छिंदवाड़ा में किया जाएगा। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य बच्चों, युवाओं एवं समाज के सभी वर्गों को संस्कार, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिकता से जोड़कर उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना है। मुनि श्री सुधासागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद से इस शिविर में प्रतिदिन प्रातःकालीन योग, ध्यान, पूजा-अर्चना, बच्चों, युवाओं एवं महिलाओं के लिए अलग-अलग संस्कार कक्षाएं, सांस्कृतिक गतिविधियाँ, जीवनोपयोगी ज्ञान एवं प्रेरणादायी व्याख्यान होंगे। शिविर का शुभारंभ 22 मार्च को प्रातः 9 बजे अहिंसा परेड, ध्वजारोहण एवं कलश स्थापना के साथ होगा, जबकि समापन 31 मार्च को सायं 7:30 बजे पुरस्कार वितरण, सम्मान समारोह एवं प्रेरक उद्बोधन के साथ किया जाएगा।
आधुनिक एवं रोचक गतिविधियों को शामिल किया गया
शिविर में देश के प्रतिष्ठित विद्वान जैसे आकाश जैन शास्त्री, शिवम जैन शास्त्री, मनोज जैन शास्त्री एवं अतिशय जैन शास्त्री अपने ज्ञान से प्रतिभागियों को लाभान्वित करेंगे। विशेष बात यह है कि इस शिविर में जेन जी को ध्यान में रखते हुए आधुनिक एवं रोचक गतिविधियों को शामिल किया गया है, जिससे युवा वर्ग सहज रूप से संस्कारों से जुड़ सके। आयोजक सकल दिगंबर जैन समाज, चौरई ने समस्त धर्मप्रेमी बंधुओं, महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता कर इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाएं और अपने जीवन को संस्कारों की दिशा में एक नया आयाम दें।
संयोजक व्याकरणाचार्य आकाश जैन जी (चिरगांव) ने विश्वास व्यक्त किया है कि यह शिविर छिंदवाड़ा में संस्कारों की एक नई चेतना जागृत करेगा और समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनेगा।













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