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झूठे, ढोंगी और स्वार्थी लोगों से बचें: मुनिश्री सर्वार्थसागर जी के प्रवचन से विदिशा की धरती हो रही पावन 


विदिशा में आचार्यश्री विशुद्धसागरजी के संधस्थ मुनिश्री सर्वार्थसागर जी के यहां नित प्रवचन हो रहे हैं। वे यहां जीवनोपयोगी सीख और ज्ञान दे रहे हैं। इसका यहां के जैन धर्मावलंबी खूब लाभ उठा रहे हैं। विदिशा से पढ़िए, यह खबर…


विदिशा। झूठे दोस्त, ढोंगी लोग, स्वार्थी व्यक्ति इन तीन प्रकार के लोगों से बचना चाहिए, यह जीवन को बेहतर और शांतिपूर्ण बना सकता है। यह बात अपने प्रवचन में विदिशा में विराजित मुनिश्री सर्वार्थसागर जी महाराज ने बुधवार को कही। अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा परिषद कोल्हापुर के कार्याध्यक्ष अभिषेक अशोक पाटील, कोल्हापुर ने कहा कि पट्टाचार्य विशुद्ध सागरजी महाराज जी ससंघ विदिशा में विराजमान हैं और उनके शिष्य विचित्र बाते प्रणेता सर्वार्थ सागरजी महाराज यहां नित प्रवचन से यहां की धर्मप्रेमी जनता को लाभान्वित कर रहे हैं। मुनिश्री ने अपने प्रवचन में कहा कि तीन प्रकार के लोगों से बचें। झूठे दोस्त, ढोंगी लोग, और स्वार्थी व्यक्ति। इन तीन प्रकार के लोगों से बचना जीवन को बेहतर और शांतिपूर्ण बना सकता है। उन्होंने कहा कि झूठे दोस्त लोग तब तक साथ रहते हैं, जब तक उन्हें आपसे कोई लाभ मिलता है।

जब कठिन समय आता है तो ये सबसे पहले आपका साथ छोड़ देते हैं। ऐसे दोस्तों की पहचान करना और उनसे दूरी बनाना आत्म-सम्मान के लिए जरूरी है। ढोंगी लोग दिखते कुछ हैं, होते कुछ और हैं। इनके शब्दों और कर्मों में मेल नहीं होता। ये आपकी पीठ पीछे कुछ और बोलते हैं और सामने कुछ और, इनसे बचकर रहना ही समझदारी है। स्वार्थी व्यक्ति हर रिश्ते को एक सौदे की तरह देखते हैं। जब तक आप उनके काम आते हैं, तब तक आपका महत्व होता है लेकिन, जब आप कुछ न दे सकें, तो वे मुंह मोड़ लेते हैं। इन तीनों से दूरी बनाकर ही आप सच्चे, ईमानदार और सहायक लोगों को अपने जीवन में जगह दे सकते हैं।

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Shreephal Jain News

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