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एक्युप्रेशर शिविर में दिखा समाजजनों का उल्लास : प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति बढ़ा भरोसा


नगर की शाखा सभा की ओर आयोजित निःशुल्क एक्युप्रेशर चिकित्सा शिविर लोगों को नई आशा और स्वास्थ्य लाभ दे रहा है। माथुर वैश्य धर्मशाला में इस शिविर में तीसरे चौथे दिन 100 से अधिक नागरिकों ने पहुंचकर विविध रोगों के लिए परामर्श और उपचार लिया। अंबाह से पढ़िए, अजय जैन की यह खबर…


अम्बाह। नगर की शाखा सभा की ओर आयोजित निःशुल्क एक्युप्रेशर चिकित्सा शिविर लोगों को नई आशा और स्वास्थ्य लाभ दे रहा है। माथुर वैश्य धर्मशाला में इस शिविर में तीसरे चौथे दिन 100 से अधिक नागरिकों ने पहुंचकर विविध रोगों के लिए परामर्श और उपचार लिया। शिविर में बिना दवाओं के, केवल शरीर के विशिष्ट बिंदुओं पर दबाव डालकर उपचार किया जा रहा है। एक्युप्रेशर पद्धति से मधुमेह, गठिया, पीठ और घुटनों के दर्द, अनिद्रा, थकान व तनाव जैसे रोगों में राहत मिल रही है। इस दौरान गीता विजय गुप्ता ने बताया कि यह पद्धति शरीर को स्वयं उपचार के लिए प्रेरित करती है। न दवा, न सुई, केवल सही तकनीक से रोगों की जड़ तक पहुंचा जाता है। आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में यह बहुत कारगर और सुरक्षित माध्यम है।’

हरेंद्र गुप्ता, शाखा सभा अध्यक्ष ने कहा हमारा उद्देश्य केवल इलाज नहीं, बल्कि लोगों को यह समझाना है कि स्वास्थ्य एक जीवनशैली है। जब लोग प्राकृतिक चिकित्सा को समझते हैं तो वे अपने जीवन में स्थायी परिवर्तन लाते हैं। सीमा गुप्ता ने कहा कि शिविर में बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक की सहभागिता देखकर यह लगता है कि समाज अब रसायनमुक्त और संतुलित चिकित्सा पद्धतियों को महत्व देने लगा है।’ आयुष गुप्ता (स्वयंसेवक) ने कहा कि ‘सेवा का यह कार्य देखकर गर्व होता है कि हम न सिर्फ बीमारी में मदद कर रहे हैं, बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवन की दिशा में मार्गदर्शन भी दे रहे हैं।’

किशोरी गुप्ता का कहना था कि शिविर में जो सकारात्मक ऊर्जा और संतोष दिखाई देता है, वह इस बात का प्रमाण है कि सही दिशा में किया गया प्रयास लोगों के जीवन को बदल सकता है।’ शिविर संचालन में हरेंद्र गुप्ता, गीता विजय गुप्ता, गीता राजू गुप्ता, सीमा गुप्ता, आयुष गुप्ता, किशोरी गुप्ता और रोहित गुप्ता मौजूद रहे।

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