पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज जी ने भोपाल में अपने प्रवचन के दौरान कहा, “साधु पुरुष उपकारी के उपकार को कभी नहीं भूलते।” उन्होंने यह भी कहा कि स्वयं के शुभ परिणाम ही मंदिर-पूजा के लिए हैं, और परिणामों की विशुद्धि कहीं भी हो सकती है। पढ़िए अभिषेक अशोक पाटील की यह विशेष रिपोर्ट…
भोपाल। पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज जी ने भोपाल में अपने प्रवचन के दौरान कहा, “साधु पुरुष उपकारी के उपकार को कभी नहीं भूलते।” उन्होंने यह भी कहा कि स्वयं के शुभ परिणाम ही मंदिर-पूजा के लिए हैं, और परिणामों की विशुद्धि कहीं भी हो सकती है। प्रवक्ता अंशुल जैन के अनुसार, शांतिनाथ जिनालय में आचार्य संघ के सान्निध्य में भगवान शांतिनाथ का अभिषेक एवं मंत्रोच्चार के साथ शांतिधारा सम्पन्न हुई। नंदीश्वर जिनालय परिसर “हे स्वामी नमोस्तु… हे स्वामी नमोस्तु…” के गूंजते स्वर से भक्तिमय हो गया।
नवधा भक्ति के साथ पधारकर आहार चर्या सम्पन्न की गई। अध्यक्ष एडवोकेट विजय चौधरी एवं अन्य पदाधिकारियों ने चातुर्मास हेतु श्रीफल भेंटकर आशीर्वाद प्राप्त किया। आचार्य श्री को आहार कराने का सौभाग्य पंडित विमल सौरया, डॉ. सर्वज्ञ सौरया एवं उनके परिवार को प्राप्त हुआ।
अशोका गार्डन जिनालय में भव्य अगवानी
अंशुल जैन ने बताया कि आचार्य संघ विभिन्न जिनालयों में पदविहार करते हुए अशोका गार्डन जिनालय पहुंचे, जहां समाजजनों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर अध्यक्ष सचेंद्र गुड्डू, हरीश जैन, चंद्र जैन सहित अनेक धर्मालु उपस्थित रहे। 7 जून को अशोका गार्डन जिनालय में आचार्य श्री के प्रवचन आयोजित किए जाएंगे।













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