गांधी नगर स्थित श्री सुमतिनाथ दिगंबर जिनालय, गोधा एस्टेट में 6 दिवसीय पट्टाचार्य महोत्सव का आयोजन 27 अप्रैल से 2 मई तक हो रहा है। महोत्सव की शुरुआत 388 से अधिक संतों के ऐतिहासिक मंगल प्रवेश जुलूस से हुई, जो महावीर बाग से सुमति धाम तक निकाला गया। शोभायात्रा में अश्व, हाथी, ऊंट, बग्घियां, ढोल और कलशधारी महिलाओं ने आकर्षण बढ़ाया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी महोत्सव में शामिल होकर संतों से आशीर्वाद लिया। पढ़िए संपादक रेखा जैन यह विशेष रिपोर्ट…
इंदौर | गांधी नगर स्थित श्री सुमतिनाथ दिगंबर जिनालय, गोधा एस्टेट में 6 दिवसीय पट्टाचार्य महोत्सव की शुरुआत 27 अप्रैल से हो चुकी है, जो 2 मई तक चलेगा।
पहले दिन शहर ने एक अनोखा धार्मिक दृश्य देखा, जब 388 से अधिक संतों का मंगल प्रवेश जुलूस महावीर बाग से सुमति धाम तक निकाला गया।
मंगल प्रवेश बना ऐतिहासिक क्षण
इस जुलूस में 12 आचार्य, 8 उपाध्याय, 140 मुनि, 9 गणिनी, 123 आर्यिकाएं, और 105 ऐलक-क्षुल्लक शामिल हुए।
जय-जय गुरुदेव के नारों से गूंजते मार्ग में समाजजनों के साथ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी भाग लिया।
जुलूस में रहा संस्कृति और आस्था का संगम
शोभायात्रा में 12 घोड़े, 4 ऊँट, 2 हाथी, 16 बग्घियाँ, विंटेज कारें, नासिक ढोल, और कलशधारी महिलाएं शामिल रहीं।
सुमति धाम तक लगभग 6 किमी के रास्ते में जीनियस ग्रुप और सामाजिक संसद युवा प्रकोष्ठ सहित 50 से अधिक सामाजिक संस्थाओं ने मंच सजाकर संतों की अगवानी की।
देशना मंडप में हुआ संतों का अभिनंदन
आचार्य विशुद्ध सागर जी के सान्निध्य में देशना मंडप का लोकार्पण हुआ। इसके बाद पाद-पक्षालन, शास्त्र भेंट, दीप प्रज्वलन जैसे कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।
सुबह प्रवचन और आहारचर्या के बाद शाम को लेजर शो, नृत्य नाटिका और प्रतिक्रमण जैसे आयोजन हुए।
मुख्यमंत्री मोहन यादव हुए शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी इस मौके पर सुमति धाम पहुंचे। उन्होंने संतों से आशीर्वाद भी लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दिगंबर परंपरा अद्भुत है, मेडिकल साइंस भी इस पर अचंभित है। दिगंबर संतों के आशीर्वाद के लिए तो देवता भी तरसते हैं।
मैं तो देख-देख कर खुद को धन्य मानता हूं और आप सभी का आशीर्वाद चाहता हूं। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि जो भी धार्मिक जगह हैं, वहां शराब बंदी होगी। भगवान महावीर स्वामी के सिद्धांत आज यहां जीवंत हुआ है। हमने भगवान को नहीं देखा लेकिन आज आचार्य श्री को देखकर लगता है कि उन्हें देख लिया।
सुमति धाम बना धर्म का महाकुंभ
65 एकड़ में फैले सुमति धाम को दूधिया रोशनी से सजाया गया है। एयर कंडीशन कॉटेज, ज्ञानशाला, प्ले ज़ोन, स्वर्ग-नर्क दर्शन, समवशरण, और बाल संस्कार शिविर जैसी अभूतपूर्व व्यवस्थाएं की गई हैं। 360 चौके बनाए गए हैं, जिनमें रोजाना संतों की आहारचर्या संपन्न होगी।
देश-विदेश से उमड़ा आस्था का सैलाब
भारत के 28 राज्यों और विदेशों से लाखों भक्त सुमति धाम पहुंच चुके हैं। 15 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
कई भक्तों ने स्थल पर रजिस्ट्रेशन कर चौके भी स्थापित कर लिए हैं














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