मुनि श्री श्रम सागर जी का भव्य मंगल प्रवेश नौगामा में शुक्रवार को हुआ। प्रातः बैंडबाजों के साथ उनकी अगवानी की गई । भगवान महावीर समवशरण के दर्शन के बाद आदिनाथ मंदिर की ओर विहार किया। जहां पर जगह-जगह मुनि श्री के पाद प्रक्षालन किए गए। नौगामा से पढ़िए, सतीश चंद्र गांधी की यह ख़बर…
नौगामा। मुनि श्री श्रम सागर जी का भव्य मंगल प्रवेश खंडू कॉलोनी से नौगामा की ओर शुक्रवार को हुआ। प्रातः बैंडबाजों के साथ मंगल अगवानी की गई। भगवान महावीर समवशरण मंदिर के दर्शन के बाद आदिनाथ मंदिर की ओर विहार किया। जगह-जगह मुनि श्री के पाद प्रक्षालन किए गए। मुनिश्री ने बागड़ के बड़े बाबा आदिनाथ भगवान नेमिनाथ भगवान के दर्शन के बाद अपने मंगल प्रवचन में कहा कि नौगामा नगर का यह भव्य जिनालय यह बताता है कि नगर के पूर्व वासी बहुत धन्य धान्य से परिपूर्ण होंगे। धार्मिक आस्था से बड़ा धार्मिक केंद्र हुआ होगा।
श्रद्धा होगी तो साधु अपने आप आएंगे
मुनि श्री प्रवचन में कहा कि सरोवर में पानी होगा तो पक्षी अपने आप पानी पीने आ जाएगा। इस तरह अगर श्रद्धालु में श्रद्धा होगी तो साधु अपने आप नगर की ओर विहार करेगा। नगर में साधु का आगमन हमारे जीवन में खुशहाली लाता है। हमने पूर्व जन्म में बहुत अच्छे कर्म किए हैं। इसीलिए हमें 84 लाख योनियों में भटकने के बाद जैन कुल प्राप्त हुआ है और आगे भी हमें अच्छी पर्याय मिले। इसलिए मैं अच्छे कर्म करना चाहिए।इस अवसर पर दिगंबर जैन समाज नौगामा एवं सांगानेर संस्थान से संस्कार शिविर के लिए पधारे अमन भैया, संकेत भैया द्वारा मुनिश्री को श्रीफल भेंटकर चातुर्मास के लिए निवेदन किया। संचालन विधानाचार्य रमेशचंद्र गांधी द्वारा किया गया।













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