आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज के करकमलों से सिरसाड़, मुंबई में 2 मार्च 2025 को दीक्षित होने वाले चार ब्रह्मचारी भैया जी की गोद भराई का कार्यक्रम श्री पारसनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, दीनदयाल नगर, झांसी में भव्यता पूर्वक सम्पन्न हुआ। पढ़िए राजीव सिंघई की विशेष रिपोर्ट…
झांसी। आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज के करकमलों से सिरसाड़, मुंबई में 2 मार्च 2025 को दीक्षित होने वाले चार ब्रह्मचारी भैया जी की गोद भराई का कार्यक्रम श्री पारसनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, दीनदयाल नगर, झांसी में भव्यता पूर्वक सम्पन्न हुआ।
कौन हैं दीक्षार्थी भैया जी
1. बा. ब्र. अंकुर भैया जी (नागौर, राजस्थान) – CA, आचार्य श्री विशुद्धसागर जी के प्रवचन सुनकर विदेश की नौकरी छोड़ दी और वैराग्य की ओर बढ़े।
2. बा. ब्र. मयंक भैया जी (गोंदिया, महाराष्ट्र) – MBA, PhD, एक बार दीक्षा गुरु के दर्शन करने के बाद घर को त्याग दिया।
3. ब्र. गणेशी लाल जी (गुनौर, मध्य प्रदेश) – 1979 से निमित ज्ञानी श्री विमल सागर जी महाराज से प्रेरित।
4. ब्र. यशवंत भैया जी (रामगढ़, राजस्थान) – 5 वर्ष पूर्व पुत्र की मुनि दीक्षा से वैराग्य भाव जाग्रत हुआ।
चारों भैयाजी सिद्धक्षेत्र श्री सोनागिरि जी के दर्शन कर श्री पारसनाथ दिगम्बर पंचायती मंदिर, दीनदयाल नगर, झांसी पहुंचे, जहां पर उपस्थित भक्त महिलाओं ने चौक पूर कर भैया जी को उच्चासन पर विराजमान कराया। सभी भैया जी का तिलक कर एवं हार-मुकुट पहनाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम का संचालन बाल ब्रह्मचारी श्री अक्षय भैया जी ने किया, जिन्होंने सभी दीक्षार्थियों का परिचय कराया। ब्रह्मचारी भैया अंकुर जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि जीवन की सार्थकता मुनि पद धारण कर स्वयं का कल्याण करने में ही है। तत्पश्चात सभी उपस्थित भक्तगणों ने चारों भैया जी की गोद भरकर स्वयं को धन्य महसूस किया और यह भावना व्यक्त की कि हम भी एक दिन जिन दीक्षा लेकर मोक्ष की राह पर आगे बढ़े। कार्यक्रम के अंत में सभी भैयाजी ने मूलनायक श्री पारसनाथ भगवान के चरणों में नमोस्तु किया और फिर टीकमगढ़ की ओर प्रस्थान किया। कार्यक्रम संयोजक राजेश ने सभी का आभार व्यक्त किया।













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