नगर के उदासीन आश्रम नसिया जी जैन मंदिर में जैन मिलन अरिहंत ने श्रुत पंचमी पर्व पर धार्मिक अयोजन किया। सुबह संस्था के सदस्यों ने श्रीजी का अभिषेक शांति धारा एवं पूजन किया। सुबह 8 बजे बजे मां जिनवाणी की शोभायात्रा निकाली गई। भिंड से पढ़िए, सोनल जैन की यह खबर…
भिंड। नगर के उदासीन आश्रम नसिया जी जैन मंदिर में जैन मिलन अरिहंत ने श्रुत पंचमी पर्व पर धार्मिक अयोजन किया। जैन मिलन अरिहंत के अध्यक्ष और कार्य संयोजक अजित जैन सोनू ने बताया कि सुबह संस्था के सदस्यों ने श्रीजी का अभिषेक शांति धारा एवं पूजन किया। सुबह 8 बजे बजे मां जिनवाणी की शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें बच्चों महिलाओं तथा पुजारी ने मां जिनवाणी को पालकी में विराजमान कर शोभायात्रा निकाली। मां जिनवाणी और शास्त्र को सजाकर लाने वाले बालिकाओं और महिलाओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। जैन धर्म में ज्येष्ठ माह शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ‘श्रुत पंचमी’ के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान महावीर के दर्शन को पहली बार लिखित ग्रंथ के रूप में प्रस्तुत किया गया था।
इस दिन पहली बार जैन धर्मग्रंथ लिखा गया था
पहले भगवान महावीर केवल उपदेश देते थे और उनके प्रमुख शिष्य (गणधर) उसे सभी को समझाते थे, क्योंकि तब महावीर की वाणी को लिखने की परंपरा नहीं थी। उसे सुनकर ही स्मरण किया जाता था। इसीलिए उसका नाम ‘श्रुत’ था। जैन समाज में इस दिन का विशेष महत्व है। इसी दिन पहली बार जैन धर्मग्रंथ लिखा गया था। भगवान महावीर ने जो ज्ञान दिया, उसे श्रुत परंपरा के अंतर्गत अनेक आचार्यों ने जीवित रखा। जैन धर्म के अंतिम श्रुत आचार्य 108 श्री धरसेनाचार्य को अचानक यह अनुभव हुआ कि अर्जित जैन धर्म का ज्ञान केवल उनकी वाणी तक सीमित है। तब गुजरात के गिरनार पर्वत की चंद्र गुफा में धरसेनाचार्य ने पुष्पदंत एवं भूतबलि मुनियों की सहायता से ‘षटखंडागम’ शास्त्र की रचना की। इस शास्त्र में जैन धर्म से जुड़ी कई अहम जानकारियां हैं। इस दिन से श्रुत परंपरा को लिपिबद्ध परंपरा के रूप में प्रारंभ किया गया था। इसीलिए यह दिवस श्रुत पंचमी के नाम से जाना जाता है।
कार्यक्रम में यह रहे मौजूद
कार्यक्रम में मुख्य रूप से जैन मिलन अरिहंत के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अतिवीर सुनील जैन मेडिकल, पंडित राकेश जैन, पंडित दिनेश जैन जैन मिलन अरिहंत के सचिव विकास जैन, कोषाध्यक्ष अमन जैन, मनोज जैन लकड़ी वाले, रजत जैन पर्याय वाले, उदित जैन, रोहित जैन, राघव जैन, अवधेश जैन सहित बालिकाएं, महिलाएं और पुरुष आदि मौजूद रहे।













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