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आचार्य श्री वर्धमान सागर जी संघ का शिवाड़ में भव्य मंगल प्रवेश : समाजजनों ने रांगोली बनाकर निवास समक्ष मुनियों की मंगल आरती की


राजकीय अतिथि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का कई वर्षों के बाद शिवाड़ में दोपहर को मुनि श्री हितेंद्रसागर जी, मुनि श्री चिंतनसागर जी, मुनि श्री भुवनसागर जी, आर्यिका श्री विनम्रमति, आर्यिका श्री प्रणतमति और आर्यिका श्री निर्मोह मति जी के साथ मंगल प्रवेश किया। शिवाड़ से पढ़िए, यह खबर…


शिवाड़। राजकीय अतिथि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का कई वर्षों के बाद शिवाड़ में दोपहर को मुनि श्री हितेंद्रसागर जी, मुनि श्री चिंतनसागर जी, मुनि श्री भुवनसागर जी, आर्यिका श्री विनम्रमति, आर्यिका श्री प्रणतमति और आर्यिका श्री निर्मोह मति जी के साथ मंगल प्रवेश किया। कमेटी के अध्यक्ष दिनेश जैन के अनुसार मुख्य बाजार में श्री चंद्र प्रभु मंदिर के दीपक, महेश, आशीष, संदीप, अंकित, गंभीर मल परिवार सहित अनेक समाज जनों ने चरण प्रक्षालन किए। शोभायात्रा में महिलाओं ने मंगल कलश यात्रा निकाली। समाज जन द्वारा रांगोली बनाकर निवास समक्ष मंगल आरती की गई। नगर में अनेक स्थानों पर स्वागत द्वार बनाए जाकर फ्लेक्स लगाए। मंदिर में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के आशीर्वचन हुए। शोभा यात्रा में निकट के निवाई, टोंक, बोली, पीपल्दा सहित अनेक नगरों से समाज जन पधारे।

शिवाड़ में दो संघों का वात्सल्य मिलन 

बुधवार को दोपहर में धर्मपरायण नगर शिवाड़ की पावन धरा पर आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के आचार्य श्री इंद्र नदी जी महाराज के शिष्य बालाचार्य श्री निपूर्ण नंदी जी महाराज, मुनि श्री निर्मल नंदी महाराज, मुनि श्री नाभिनन्दी जी महाराज ससंघ ने दर्शन भक्ति पूर्वक कर चरण प्रक्षालन किए। वात्सल्य पूर्ण भव्य मिलन हुआ। मुनि श्री नाभिनन्दी जी महाराज का भी दीक्षा के बाद पहली बार यहां मंगल प्रवेश हुआ। गुरु भक्त राजेश पंचोलिया इंदौर, पवन बोहरा निवाईज़ लोकेश गजराज ने बताया कि उल्लेखनीय है कि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी का 55 वर्षों के बाद आचार्य होने के बाद पहली बार प्रवेश हुआ। समाज द्वारा टोंक नगर सहित अन्य नगरों में भी जाकर आचार्य श्री को शिवाड़ आने के लिए श्रीफल भेंट कर निवेदन किया था।

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