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ज्ञानोदय विद्या पीठ में समाज की बेटियों का भविष्य उज्जवल : इंदौर की रेवती रेंज में प्रतिभा स्थली ज्ञानोदय विद्या पीठ पूरे भारत में प्रसिद्ध


आचार्य श्री विद्यासागर जी ने प्रतिभास्थली ज्ञानोदय विद्यापीठ की स्थापना की थी। जो आज पूरे भारत में अपनी आलोकित ऊर्जा से भरपूर प्रकाश फैला रही है। जबलपुर में तो यह पहले ही थी। इंदौर में भी इस ज्ञानोदय विद्यापीठ से प्रतिभाओं को तराशने के लिए सभी लगे हुए हैं। इंदौर से पढ़िए हरिहर सिंह चौहान की खबर…


इंदौर। इस युग के महावीर समाधिस्थ आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज कहते हैं कि हर पिता के भाग्य में बेटी नहीं होती। राजा दशरथ जब अपने चारों बेटों की बारात लेकर राजा जनक के द्वार पर पहुंचे तो राजा जनक ने सम्मानपूर्वक बारात का स्वागत किया। तभी दशरथ जी ने आगे बढकर जनक जी के चरण छू लिए। जनक जी ने दशरथ जी को थाम लिया और बोले महाराज आप मुझसे बड़े हैं और तो और वर पक्ष वाले है ये उल्टी गंगा कैसे बहा रहे हैं?। इस पर दशरथ जी ने बड़ी सुंदर बात कही। महाराज आप दाता हो कन्यादान कर रहे हो। मैं तो याचक हूं। आपके द्वार कन्या लेने आया हूं। अब आप ही बताओ दाता और याचक में बड़ा कौन है? यह सुनकर जनक जी की आंखों मे अश्रु धारा बह निकली। भाग्यशाली हैं वो लोग जिनके घर में होती हैं बेटियां। हर बेटी के भाग्य में पिता होता है लेकिन, हर पिता के भाग्य में बेटी नहीं होती। बेटी हमारी ही नहीं वह दो परिवार का मिलाप करती है। दोनों परिवारों के संस्कार से अपनी बुद्धिमत्ता से वह नए युग में सकारात्मकता का प्रकाश फैलाती हैं। बेटी हर युग में प्रथम थी और भविष्य में भी अव्वल रहेगी। बेटियों का आप के यहां जन्म लेना आप का पुण्य उदय है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए आचार्य श्री विद्यासागर जी ने प्रतिभास्थली ज्ञानोदय विद्यापीठ की स्थापना की थी। जो आज पूरे भारत में अपनी आलोकित ऊर्जा से भरपूर प्रकाश फैला रही है। जबलपुर में तो यह पहले ही थी।

हथकरघा, गायन, वादन, नृत्य, संगीत कला की शिक्षा

इंदौर में भी इस ज्ञानोदय विद्यापीठ से प्रतिभाओं को तराशने के लिए सभी लगे हुए हैं। दिगंबर जैन समाज की बेटियों को ऊंची उड़ान भरने के लिए यह उपक्रम बहुत ही प्रभावी है। तभी तो वह सभी बेटियां आगे बढ़ रही हैं। जहां संस्कृति, संस्कार, धर्म समाज और राष्ट्र के लिए ज्ञान दान दिया जाता है। हथकरघा, गायन, वादन, नृत्य, संगीत कला के साथ धर्म की शिक्षा के साथ नैतिक शिक्षा भी दी जाती है। इंदौर में रेवती रेंज में प्रतिभास्थली ज्ञानोदय विद्यापीठ पूरे भारत में अपने गुरुजनों, दीदियों और भैय्या के साथ बड़े बाबा और छोटे बाबा दोनों के आशीर्वाद से अपना यशोगान करें। यह बहुत उत्कृष्ट उपक्रम है धर्म और शिक्षा के लिए जहां बेटियों का भविष्य उज्जवल होगा।

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