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भगवान अनंतनाथ और भगवान अरहनाथ का मोक्ष कल्याणक मनाया: मनुष्य का दुश्मन उसका मन है – जगतपूज्य मुनिपुंगव सुधासागर


मनुष्य का मन ही सबसे बड़ा दुश्मन है क्योंकि मन में चल रहे अनैच्छिक विचार मन को व्यथित कर देते हैं। कोई एक बार गाली देकर जाता है लेकिन मन उसको कई बार सोचता है नकारात्मक विचार लाता है। जिंदगी में हताश नहीं बैठो बस प्रयत्न करते रहो। पढ़िए राजीव सिंघई की रिपोर्ट…


महरौनी (ललितपुर)। मनुष्य का मन ही सबसे बड़ा दुश्मन है क्योंकि मन में चल रहे अनैच्छिक विचार मन को व्यथित कर देते हैं। कोई एक बार गाली देकर जाता है लेकिन मन उसको कई बार सोचता है नकारात्मक विचार लाता है। जिंदगी में हताश नहीं बैठो बस प्रयत्न करते रहो। यह सदबचन जगतपूज्य मुनिपुंगव सुधासागर महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहे ।

कुल का मद और अहंकार पतन का कारण

उन्होंने कहा कि पिता की कमाई पर भोग नहीं करो। पिता की कमाई से कमाई करो, जो कमाई आये उसका उपयोग करो, दान पुण्य करो। दूसरों की कमाई न खाओ। स्वंय कमाकर खाओ। अतीत में अच्छाई की थी तो अच्छा कुल परिवार मिल गया अच्छी धन दौलत मिल गई। कुल का मद और अहंकार पतन का कारण है। पूर्वजों के सद्कार्यों को जीवन में उतारो, उनकी फोटोकापी बनो।

अभिषेक और शांतिधारा की गई

प्रातःकालीन बेला में मुनिपुंगव सुधासागर महाराज और क्षुल्लक गम्भीर सागर महाराज के सानिध्य में भगवान अनंतनाथ और भगवान अरहनाथ का मोक्ष कल्याण पर्व मनाया गया। भगवान का अभिषेक और शांतिधारा की गई। शांतिधारा करने का सौभाग्य राजीव सिंघई कुम्हैडी वाले, हिमांशु गुरूग्राम, सुबोध पठा, मुकेश जैन, तारा चंद्र ललितपुर को प्राप्त हुआ। निर्वाण लाडू चढ़ाने का सौभाग्य अंचल गुड़गांव, प्रशांत सिंघई बंटी, आनंद सराफ, विजय सिंघई और कपूर पठा को प्राप्त हुआ । मुनिश्री सुधासागर को आहार देने का सौभाग्य महेश मलैया और क्षुल्लक गम्भीर सागर महाराज को आहार देने का सौभाग्य प्रवीण सिंघई को प्राप्त हुआ। मंच संचालन ब्रह्मचारी प्रदीप भैया सुयश और नितिन शास्त्री ने किया। यशोदय तीर्थ कमेटी ने मुनि श्री सुधासागर महाराज को 30 मार्च से 8 अप्रैल तक चलने वाले श्री चौबीस समोशरण विधान के लिए सानिध्य के लिए श्रीफल अर्पित कर निवेदन किया।

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