जैन श्रमण संस्कृति संस्कार संस्थान, सांगानेर जयपुर के तत्वावधान में 1 से 8 जून तक श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, बिरधा में आयोजित आठ दिवसीय संस्कृति-संस्कार शिविर का समापन समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। समापन अवसर पर बालबोध भाग-1, ईस्टोपदेश एवं छहढाला ग्रंथों की परीक्षाएं आयोजित की गईं। पढ़िए यह अक्षय अलय की विशेष रिपोर्ट…
बिरधा। जैन श्रमण संस्कृति संस्कार संस्थान, सांगानेर जयपुर के तत्वावधान में 1 से 8 जून तक श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, बिरधा में आयोजित आठ दिवसीय संस्कृति-संस्कार शिविर का समापन समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। समापन अवसर पर बालबोध भाग-1, ईस्टोपदेश एवं छहढाला ग्रंथों की परीक्षाएं आयोजित की गईं, जिनमें बच्चों, युवाओं और महिलाओं ने तीनों वर्गों में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
परीक्षा परिणाम और सम्मान समारोह
रात्रिकालीन आरती के पश्चात शिविर द्वारा परीक्षा के परिणाम घोषित किए गए, जिसमें प्रतिभागियों की सफलता पर समाजजनों ने उत्साहपूर्वक सम्मान किया।
ईस्टोपदेश वर्ग में:
-प्रथम स्थान : समय जैन
-द्वितीय स्थान : नेहा मोदी
-तृतीय स्थान : संदेश जैन
छहढाला वर्ग में:
-प्रथम स्थान : सोनम जैन
-द्वितीय स्थान : नेहा जैन मोदी
-तृतीय स्थान : नीता जैन मोदी
बालबोध वर्ग में सभी बच्चों ने संतोषजनक प्रदर्शन कर धर्मज्ञान के प्रति जागरूकता प्रदर्शित की।
इस अवसर पर समाज श्रेष्ठियों द्वारा सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। साथ ही अन्य सफल 30 प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की गई।
विद्वानों का हुआ सम्मान
शिविर संचालन में मार्गदर्शन प्रदान करने वाले विद्वान विवेक जैन और अभिषेक जैन को शाल, श्रीफल व तिलक लगाकर सम्मानित किया गया।
सफल आयोजन में रहा सामूहिक सहयोग
शिविर को सफल बनाने में कार्यक्रम संयोजक संजय जैन मोदी, पीयूष जैन, समाज श्रेष्ठी अशोक जैन, राजकुमार सिंघई, मुकेश जैन, दिलीप जैन, सौरभ जैन, वैराग्य जैन, राजेश जैन, समय जैन, साहिल जैन का विशेष योगदान रहा।
इसके अतिरिक्त महिला जैन मंडल की विजया जैन, भागवती जैन, कल्पना जैन, वर्षा जैन मोदी, नीता जैन, श्वेता जैन, भारती जैन, नेहा जैन, दीपिका जैन, सोनम जैन, पलक एवं अनेक बच्चों ने आयोजन में सक्रिय सहभागिता निभाई।













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