पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर जी के शिष्य मुनि श्री सारस्वत सागर जी महाराज, मुनिश्री जयंत सागर जी, मुनिश्री सिद्ध सागर जी एवं क्षुल्लक श्रुत सागर जी का मांगीतुंगी में 25 मई को मंगल प्रवेश हुआ। मांगीतुंगी से पढ़िए, अभिषेक पाटील की खबर…
मांगीतुंगी। पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर जी के शिष्य मुनि श्री सारस्वत सागर जी महाराज, मुनिश्री जयंत सागर जी, मुनिश्री सिद्ध सागर जी एवं क्षुल्लक श्रुत सागर जी का मांगीतुंगी में 25 मई को मंगल प्रवेश हुआ। इस अवसर मुनि संघ की भव्य अगवानी की गई। उन्होंने मांगीतुगी में भगवान के दर्शन किए। मुनिश्री सिद्ध सागर जी महाराज जी ने बताया कि प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव की 108 फीट ऊंची प्रतिमा को ‘गिनीज वर्ल्ड रिकार्डस’ में सबसे विशाल जैन प्रतिमा के रूप में शामिल किया गया है। इस प्रतिमा को एक ही पत्थर को तराशकर बनाया गया है। इस 108 फीट उत्तुंग आदिनाथ भगवान जी प्रतिमा के दर्शन करके हम सभी धन्य हुए। वर्ष 2024 में आचार्य श्री विशुद्ध सागरजी ससंघ ने जम्बूद्वीप हस्तिनापुर के दर्शन किए थे। आर्यिका श्री ज्ञानमती माताजी, जहां उन्होंने संपूर्ण भारत की पदयात्रा कर शताधिक आत्माओं में वैराग्य की ज्योति जगाई है। वहीं हस्तिनापुर में दिगंबर जैन त्रिलोक शोध संस्थान के प्रबंधकों को प्रेरणा देकर जम्बूद्वीप की प्रतिकृति के रूप में न केवल जैन समाज अपितु संपूर्ण विश्व को एक अद्वितीय उपहार दिया है।
खुले आकाश के नीचे वलयाकार लवण समुद्र से वेष्ठित 101 फीट उत्तुंग सुमेरु के चारों ओर बनी जम्बूद्वीप की भव्य रचना को देखकर तिलोयपण्णत्ति, जम्बूद्वीपण्णत्तिसंगहो में निहित भूगोल विषयक सामग्री को सहज ही हृदयंगम किया जा सकता है। वर्तमान में ‘जम्बूद्वीप’ के नाम से विख्यात इस परिसर में स्थित कमलमंदिर, ध्यान मंदिर, त्रिमूर्ति मंदिर, सहस्रकूट जिनालय, ओम मंदिर, भगवान वासुपूज्य मंदिर, तेरह द्वीप जिनालय, जम्बूद्वीप पुस्तकालय, विस्तृत उद्यान समग्र रूप से इसकी शोभा में अभिवृद्धि करते हैं। 800 किमी चलकर मुनि संघ इंदौर से नांद्रे पधारेंगे। अभी 450 किमी विहार शेष है। नांद्रे नगरी का परम सौभाग्य है कि वर्ष 2025 के वर्षायोग के लिए पट्टाचार्य श्री 108 श्री विशुद्धसागर जी शिष्य मुनि श्री सारस्वत सागर जी, मुनि श्री जयंत सागर जी, मुनिश्री सिद्ध सागर जी एवं क्षुल्लक श्री श्रुत सागर जी का विहार इंदौर से नांद्रे (महाराष्ट्र) के लिए जारी है।













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