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ऐतिहासिक 108 तीर्थ स्थलों की भाव यात्रा से गद्गद् हुए श्रावकजन: जैन आचार्य श्री विश्वसागर जी महाराज ने कराई भाव यात्रा 


पीपली बाजार स्थित उपाश्रय में प्रवचन के दौरान बुधवार को आचार्य श्री विश्वरत्नसागर जी महाराज ने ऐतिहासिक 108 तीर्थ स्थलों की भाव यात्रा का वृत्तांत और इतिहास से श्रद्धालुओं को अवगत कराया। इंदौर से पढ़िए, यह खबर साभार स्रोत दैनिक भास्कर…


इंदौर। शहर के पीपली बाजार स्थित उपाश्रय में प्रवचन के दौरान बुधवार को आचार्य श्री विश्वरत्नसागर जी महाराज ने ऐतिहासिक 108 तीर्थ स्थलों की भाव यात्रा का वृत्तांत और इतिहास से श्रद्धालुओं को अवगत कराया। उन्होंने कहा- जिन शासन के पास दुनियाभर में अनेक तीर्थ स्थल और पौराणिक धरोहर हैं, जो जैन सिद्धांतों की गौरवशाली धरोहर को अपने आप में समेटे हुए हैं। उपाश्रय में प्रतिदिन सुबह 8.45 बजे से भाव यात्रा प्रारंभ होती है, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के श्रावक-श्राविकाएं शामिल हो रहे हैं। इस कार्यक्रम में मुनिश्री कीर्तिरत्नसागर महाराज एवं मुनिश्री उत्तमरत्न सागर जी महाराज ने भी नागेश्वर पार्श्वनाथ महातीर्थ के साथ श्री नाडोल तीर्थ, नाडलाई तीर्थ, सेसली तीर्थ एवं मीरपुर तीर्थ की भाव यात्रात कराते हुए प्रेरक प्रसंग बताए। कार्यक्रम के आरंभ में चातुर्मास आयोजन समिति की ओर से संयोजक पुण्यपाल सुराना, कैलाश नाहर, मनीष सुराना, ललित सी जैन, प्रीतेश ओस्तवाल, दिलीप मंडोवरा, दिलसुखराज कटारिया आदि ने बहुमान किया।

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