समाचार

महावीर जी में हुआ नवीन जिनालय का शिलान्यास : धर्म-समाज की संस्कृति को सुरक्षित रखना होगा-वसुनन्दी जी


अखिल भारतवर्षीय श्री दि.जैसवाल जैन धर्मशाला श्रीमहावीर जी के विशाल प्रांगण में परम पूज्य गुरुदेव आचार्य श्री वसुनन्दी जी महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य में श्री नवीन जिन मन्दिर एवं प्राचीन जैसवाल जैन धर्मशाला जीर्णोद्धार शिलान्यास समारोह का आयोजन किया गया। पढ़िए मनोज नायक की रिपोर्ट…


श्रीमहावीर जी। किसी भी धर्म, समाज की संस्कृति यदि विलुप्त हो जाए तो समझो कि वह धर्म, समाज स्वतः ही नष्ट हो गया। इसीलिये हमें अपने धर्म और समाज की संस्कृति को सुरक्षित बनाए रखना है। अतिशय क्षेत्र श्रीमहावीर जी विश्व प्रसिद्ध तीर्थक्षेत्र है। यहां के अतिशय सिर्फ जैन समुदाय को ही नहीं बल्कि अन्य समुदायों को अधिक प्रभावित करते हैं। गाय के दूध का गिरना, भगवान महावीर की मूर्ति का प्रकट होना जैसे अनेकों अतिशय विश्व प्रसिद्ध हैं। ऐसे पावन स्थल पर श्री जिनेन्द्र प्रभु के मन्दिर का निर्माण करना सातिशय पुण्य जैसा है। उक्त विचार अभीक्ष्ण ज्ञानोपयोगी जैनाचार्य श्री वसुनन्दी जी महाराज ने अतिशय क्षेत्र श्रीमहावीर जी में श्री जिन मन्दिर शिलान्यास समारोह में धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किये।

धर्मशाला जीर्णोद्धार शिलान्यास समारोह

अखिल भारतवर्षीय श्री दि.जैसवाल जैन धर्मशाला श्रीमहावीर जी के विशाल प्रांगण में परम पूज्य गुरुदेव आचार्य श्री वसुनन्दी जी महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य में श्री नवीन जिन मन्दिर एवं प्राचीन जैसवाल जैन धर्मशाला जीर्णोद्धार शिलान्यास समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के शुभारम्भ में मंगलाचरण सीए अजय जैन कोटा एवं चीनू जैन दिल्ली, मंच उदघाटन मनोज प्रधान भोपाल, चित्र अनावरण संतोषीलाल राजीव जैन दिल्ली, दीप प्रज्वलन रामबाबू राजेश जैन आगरा, जिनवाणी स्थापना अशोककुमार सचिन जैन, शास्त्र भेंट पंडित रमेशचन्द जैन दिल्ली, पाद प्रक्षालन मुकेश कुमार, नरेश जैन, करजन गुजरात एवं ध्वजारोहण मुकेश कुमार जैन गुजरात, जिनेश जैन(पूर्व अध्यक्ष न.पा.अम्बाह), रैना भूपेंद्र जैन दिल्ली, चंद्रा रूपेश जैन दिल्ली, मंजू धनेंद्र जैन दिल्ली ने किया।

आधारशिला का सौभाग्य

नवीन जिन मन्दिर की मुख्य आधारशिला रखने का सौभाग्य कैलाशचंद सुनीलकुमार, मनीषा जैन मोना जनरेटर दिल्ली को प्राप्त हुआ। नवीन जिनालय की मुख्यवेदी दिनेशचंद विकास जैन नायक (ऐसाह वाले) मुरार, शिखर की ओमप्रकाश राजेश जैन दिल्ली, विधिनायक प्रतिमा की सुनील मनीषा जैन मोना जनरेटर दिल्ली ने स्वीकृति प्रदान की।

इन्होंने रखी अन्य शिलाएं

अरिहंत शिला दिनेशचंद, रमेशचन्द जैन सुपर फार्मा उज्जैन, सिद्धशिला सुमतिचंद सगुनचन्द जैन दिल्ली, आचार्य शिला कपिल सुनील जैन अजमेर, उपाध्याय शिला राकेश जैन, साधु शिला राजू अनन्तवीर जैन दिल्ली सहित भानू जैन इंदौर, सुशील पवन जैन दिल्ली, प्रमिला जैन झांसी को रखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। प्राचीन जैसवाल जैन धर्मशाला जीर्णोद्धार की मुख्य शिला दिनेशचंद रमेशचन्द जैन सुपर फार्मा उज्जैन ने रखी। अन्य शिलाएं दिनेशचंद सुरेंद्र जैन, जे एल जैन अतुल जैन मुरार, नरेशचन्द राहुल जैन ग्वालियर, राकेश जैन भल्ला वाले दिल्ली ने रखी। धर्मशाला में एक-एक कमरे के निर्माण की स्वीकृति आई डी जैन दिल्ली, जयकुमार जैन (मुरेना वाले) दिल्ली, सुरेशचंद अरुणकुमार जैन दिल्ली, युवा परिषद दिल्ली, रिखबचन्द अमित जैन आगरा ने प्रदान की।

विधान का आयोजन

शिलान्यास समारोह से पूर्व प्रातःकालीन बेला में 48 मंडलीय श्री भक्तमर महामण्डल विधान का आयोजन किया गया। सभी धार्मिक क्रियाएं प्रतिष्ठाचार्य मनोज शास्त्री, मुकेश मधुर, महावीरप्रसाद, रमेशचन्द जैन ने सम्पन्न कराई। मंच संचालन चक्रश जैन ललितपुर, सुनील जैन शकरपुर दिल्ली ने किया। संगीतकार पारस अम्बर जैन ने अपनी स्वर लहरी से सभी को मंत्रमुग्ध किया।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
6
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page