छाणी परंपरा के सप्तम पट्टाचार्य, परम पूज्य श्री ज्ञेयसागर जी महाराज का चातुर्मास 2025 पावन शाश्वत तीर्थक्षेत्र श्री सम्मेद शिखरजी में आयोजित होगा। यह शुभ सूचना मिलते ही देशभर के गुरुभक्तों में हर्ष की लहर दौड़ गई है। पढ़िए मनोज जैन नायक की रिपोर्ट…
श्री सम्मेद शिखरजी। छाणी परंपरा के सप्तम पट्टाचार्य, परम पूज्य श्री ज्ञेयसागर जी महाराज का चातुर्मास 2025 पावन शाश्वत तीर्थक्षेत्र श्री सम्मेद शिखरजी में आयोजित होगा। यह शुभ सूचना मिलते ही देशभर के गुरुभक्तों में हर्ष की लहर दौड़ गई है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, समाधिस्थ आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य सप्तम पट्टाचार्य श्री ज्ञेयसागर जी महाराज इस समय “आचार्यश्री ज्ञानसागर सराक भवन”, सम्मेद शिखरजी में ससंघ विराजमान हैं। उन्होंने व्रत, उपवास और तपश्चर्या करते हुए तीर्थराज पर्वत की चार बार वंदना भी पूर्ण की है।
गुरुभक्त ब्रह्मचारिणी बहन मंजुला दीदी ने जानकारी दी कि पूज्य आचार्यश्री ज्ञेयसागर जी महाराज एवं मुनिश्री नियोगसागर जी महाराज का आगामी चातुर्मास 2025 शाश्वत तीर्थ सम्मेद शिखरजी में सुनिश्चित हो चुका है। इस पावन चातुर्मास की मंगल शुरुआत 9 जुलाई 2025 को मंगल कलश स्थापना समारोह के साथ होगी। आयोजन की सभी तैयारियाँ जोरों पर हैं और अंतिम रूप दिया जा रहा है।
गुरुदेव के चातुर्मास के समाचार से भक्तों में उल्लास का माहौल है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिखरजी में चातुर्मास में शामिल होने की तैयारियाँ कर रहे हैं। यह चातुर्मास न केवल साधना और आत्मकल्याण का अवसर होगा, बल्कि पूरे समाज के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बनने जा रहा है।













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