समाचार

मुजफ्फरनगर की धरा पर हुआ भावलिंगी संत ससंघ का मंगल प्रवेश : नगर में बहेगा अमृत आनंद 30 नवंबर तक 


यहां पर 35 पिच्छी चतुर्विध आचार्य संघ के सानिध्य में श्री कल्पद्रुम महामंडल विधान की आराधना हो रही है। इस अवसर पर आचार्य श्री ने कहा कि यह अनुष्ठान जैन समाज के साथ संपूर्ण नगरवासियों के लिए कल्याणकारी है। मुजफ्फरनगर से पढ़िए, सोनल जैन की यह खबर…


मुज़फ्फरनगर। यहां पर 35 पिच्छी चतुर्विध आचार्य संघ के सानिध्य में श्री कल्पद्रुम महामंडल विधान की आराधना हो रही है। इस अवसर पर आचार्य श्री ने कहा कि यह अनुष्ठान जैन समाज के साथ संपूर्ण नगरवासियों के लिए कल्याणकारी है। श्री 1008 कल्पद्रुम महामंडल विधान के लिए श्री कल्पतीर्थ मंडपम् मेहता क्लब में 24 भव्य समवशरणों की रचना हो रही है। 35 पिच्छीधारी संयमियों के साथ आचार्य श्री विमर्श सागर जी का ससंघ सानिध्य मिल रहा है। यहां गुरु भक्तों की भक्ति रंग लाई। जून माह के 4 दिनों में मुजफ्फरनगर समाज ने आचार्य संघ की अपूर्व भक्ति की। चातुर्मास के बाद गुरु भक्तों के अथक प्रयासों से पुनः आचार्य गुरुवर ससंघ का सानिध्य मुजफ्फरनगर समाज को प्राप्त हुआ। शामली से पद‌ विहार करते हुए 21 नवंबर को आचार्य संघ को भव्य मंगल प्रवेश समाज ने नई मंडी में कराया। वहीं मेहता क्लब में नव निर्मित श्री कल्पतीर्थ मंडपम् में आचार्य संघ का प्रथम पदार्पण हुआ। पीतवर्णी वेशभूषा में उपस्थित श्रद्धालु‌ओं को देखकर आचार्य श्री में कहा कि यह वेशभूषा देखकर तो लग रहा था मानो चतु‌र्विध संघ की अगवानी में आज विद्वान् अर्थात् धीमान और श्रीमान ही तैयार होकर आए हों।

आचार्य श्री ने अनुष्ठान का महत्व बतलाया

श्री कल्पद्रम महामंडल विधान का आगाज शनिवार को देव आज्ञा, गुरु आज्ञा, घटयात्रा एवं ध्वजारोहण से हुआ। आयोजन का ध्वजारोहण विपिन जैन पारल वालों ने किया। आचार्य श्री विमर्शसागर जी ने उपस्थित श्रद्धालु‌ओं को मंगल आशीष देते हुए कहा कि ध्वज पूर्व दिशा में फहराया है जो मंगल का सूचक है, समाज एवं नगरवासियों का कल्याणकारी होगा। आचार्य श्री ने अनुष्ठान का महत्व बतलाते हुए कहा कि इस दिव्य महानुष्ठान में बैठने वाले सौभाग्यशाली पात्र तो अपना कल्याण करेंगे ही, साथ ही इस दिव्य अनुष्ठान की प्रशस्त मंगल वर्गणाएं भी संपूर्ण नगर में फैलकर नगरवासियों के कल्याण-हित में निमित्त बनेंगी।

कल्पतीर्थ मंडपम में आनंद यात्रा 

प्रातः 6.30 से 10.30 तक 24 समवशरणों की आराधना के साथ धर्मात्मा परिवारों को 35 पिच्छी धारी चतुर्विध संघ को अपने-अपने घरों में आहारदान का महासौभाग्य प्राप्त हो रहा है। संध्या बेला में शाम 6 से कल्पतीर्थ मंडपम में आनंद यात्रा के साथ होगी। अनूठी गुरु भक्ति श्री कल्पद्म महामंडल विधान के मुख्य संयोजक जिनागमपंथी शीतल जैन और संयोजक अमित जैन एडवोकेड के साथ। संपूर्ण जैन समाज आचार्य श्री विशाल चतुर्विध संघ की सेवा में संलग्न है।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
1
+1
0
+1
0
Shreephal Jain News

About the author

Shreephal Jain News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page