तरूणसागरम गाजियाबाद में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 100 दिवस में निर्मित गुफा मंदिर और 1008 श्री पारसनाथ भगवान मंदिर का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में जैन संतों से आशीर्वाद लेकर उन्होंने अहिंसा, त्याग और भारतीय आध्यात्मिक परंपरा की सराहना की।
गाजियाबाद । तरूणसागरम् पारसनाथ अतिशय धाम में भव्य धार्मिक आयोजन में हजारों लोगों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे और जैन संतों का आशीर्वाद लिया।
100 दिन में बने गुफा मंदिर का लोकार्पण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की और श्रीफल अर्पित कर जैन संत अंतर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी एवं उपाध्याय श्री 108 पीयूष सागर जी महाराज के चरणों में नमन किया।
आयोजकों ने योगी जी को कर्मडल, माला एवं पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया।
योगी बोले — जैन धर्म सिर्फ धर्म नहीं, विश्व मार्गदर्शक है
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा—
“यह मेरा सौभाग्य है कि आज मैं जैन संतों की तपस्थली में हूँ। जैन तीर्थंकरों ने दुनिया को करुणा, मैत्री और अहिंसा का मार्ग दिया है। अगर दुनिया को ऊंचाई चाहिए, तो अध्यात्म ही रास्ता है।”
उन्होंने बताया कि अयोध्या और काशी जैन परंपरा से जुड़े तीर्थंकरों की जन्मभूमि रही है।
जैन साधना का उल्लेख
योगी ने अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागर की कठोर साधना की प्रशंसा करते हुए कहा—
“496 दिन निर्जल और 557 दिन मौन रहना… यह अनुशासन पूरी मानवता के लिए प्रेरणा है।”
आचार्य प्रसन्न सागर जी का संदेश
गुरुदेव ने प्रभावशाली शब्दों में कहा—
“बसंत आता है तो प्रकृति मुस्कुराती है, और संत आता है तो संस्कृति मुस्कुराती है। भारत धनवान नहीं — धर्मवान है।”
उन्होंने मंच पर मौजूद सभी को त्याग और सेवा की भावना अपनाने का संदेश दिया।
किताब का विमोचन और सम्मान
मुख्यमंत्री ने गुरुदेव द्वारा लिखित ‘अंतर्मना उवाच’ एवं ‘मेरी विटिया’ पुस्तक का विमोचन किया।
विशिष्ट अतिथि उपस्थित
समारोह में सांसद अतुल गर्ग, विधायक नंद किशोर गुर्जर, मंत्री सुनील शर्मा समेत कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्मचारी तरुण भैया और आभार ज्ञापन सुनील जैन ने किया।













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