जैन पत्रकार महासंघ ने परमेष्ठियों के आहार विहार में विशेष सहयोग और सुरक्षा प्रदान करने का निवेदन किया है। विहाररत साधु-संतों की सुरक्षा और आहार आदि की व्यवस्था का जिम्मा उठाने के लिए जागरूक हों। जयपुर से पढ़िए, यह खबर…
जयपुर। जैन पत्रकार महासंघ रजि ने सभी पत्रकारों से निवेदन किया कि अपनी सजग लेखनी का उपयोग उन दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं पर करें, जिनमें विहाररत साधु-संत दुर्घटनाओं के शिकार हो रहे हैं’। अब तक कई संत-श्रमण आहत हुए हैं, कुछ काल-कवलित हो चुके हैं’। आए दिन असामाजिक तत्व भी विहार के समय व मार्गों में परेशान करते हैं और गाली गलौच आदि करते हैं। संयम और आत्मकल्याण के मार्ग पर निकलने वाले ये तपस्वी केवल आत्म साधना ही नहीं कर रहे, वे समाज कल्याण के वाहक भी हैं। जैन पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश जैन तिजारिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन जयपुर ने कहा कि अपने पूज्य परमेष्ठियों की सुरक्षा के लिए समाज, शासन और प्रशासन सभी की जिम्मेदारी बनती है। पत्रकारों की जागरूक लेखनी साधु-संतों के सुरक्षित विहार के लिए जनमानस और प्रशासन की चेतना को झकझोर सकती है।
आइए, संवेदना को शब्दों में ढालकर हम इस आध्यात्मिक यात्रा को निर्भय और सुगम बनाने में भागीदार बनें। आशा है आप उपरोक्त मुद्दे पर महासंघ के निवेदन पर अपनी लेखनी का उपयोग करेंगे। आप अपने निकटतम कोई साधु, संत, आर्यिकाएं हैं तो आप स्वयं सहयोग के साथ अपनी लेखनी से समाज और प्रशासन को सचेत करेंगे तथा संरक्षण प्रदान करवाएं। उनके आहार विहार की समुचित व्यवस्था करवाएं।













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