आचार्यश्री निर्भयसागर जी महाराज महरौली में विराजित हैं। यहां उन्होंने धर्मसभा को संबोधित कर रिश्तों की अहमियत से परिचित करवाया। उनके प्रवचन सुनने के लिए बड़ी...
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धर्मी होंने की असल पहचान यही है कि उसके अंदर सही समझ, स्थिरता, सहनशीलता तथा सकारात्मकता का गुण हो उपरोक्त उदगार अपने प्रवचन में मुनिश्री प्रमाण सागरजी महाराज...








