Tag - सम्यक दर्शन

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ग्रिजली पब्लिक विद्यालय के छात्रों ने जाना अपना धर्म : जैन मंदिर के दर्शन कर शांतिधारा की प्रक्रिया समझी

ग्रिजली पब्लिक विद्यालय के 100 छात्र-छात्राएं अपने शिक्षकों के साथ झुमरी तिलैया कोडरमा के डॉक्टर गली स्थित जैन मंदिर में दर्शनार्थ आए। जहां सभी छात्र-छात्राओं...

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शामली में ‘जिन मुद्रा’ पर हुआ आचार्य विमर्श सागर जी का दिव्य प्रवचन : भौतिक मुद्राओं से श्रेष्ठ बताई गई ‘जिन मुद्रा’, प्रवचन में उमड़ा श्रद्धा का सागर

परम पूज्य श्रमणाचार्य आचार्य श्री विमर्श सागर जी महामुनिराज ससंघ के आगमन से शामली नगर धन्य हुआ। आयोजित प्रवचन में ‘जिन मुद्रा’ की आध्यात्मिक श्रेष्ठता पर...

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प्रथमाचार्य श्री शांति सागर जी महाराज का दो दिवसीय आचार्य पद प्रतिष्ठापना शताब्दी महोत्सव संपन्न : आचार्य वर्धमान सागर जी ने किया गुणानुवाद

टोंक में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के सान्निध्य में प्रथमाचार्य श्री शांति सागर जी महाराज के आचार्य पद प्रतिष्ठापना शताब्दी महोत्सव का दो दिवसीय...

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आचार्य विनिश्चय सागर जी के सानिध्य में राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ : जैन दर्शन के अनमोल रत्नों ने आगमोदय ग्रंथ पर किया विमर्श

रामगंजमंडी स्थित सिद्ध क्षेत्र में आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज के सानिध्य में दो दिवसीय राष्ट्रीय विद्वत संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। देशभर से आए...

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आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के सानिध्य में प्रथमाचार्य श्री वीर सागर जी का 68वां अंतर विलय समाधि वर्ष विशेष पूजन : हेय और उपादेय के विवेक से जीवन निर्माण की शिक्षा आचार्य श्री ने दी

टोंक नगर की धर्मसभा में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने प्रथमाचार्य श्री वीर सागर जी के 68वें समाधि वर्ष पर विशेष पूजन एवं गुणानुवाद के अवसर पर प्रवचन दिया।...

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तपस्या करने से होती कर्मों की निर्जरा : मुनि श्री गुरुदत्त सागर जी ने समझाया तप का अर्थ

श्री अजितनाथ दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे दशलक्षण महापर्व के सातवें दिन बुधवार को उत्तम तप धर्म पर प्रवचन देते हुए मुनि श्री गुरुदत्त सागरजी ने कहा कि तप का...

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शौच धर्म पर पट्टाचार्य विशुद्ध सागर जी का प्रेरक प्रवचन: लोभ त्याग ही सच्चा शौच धर्म है 

विरागोदय तीर्थ पथरिया में पट्टाचार्य 108 श्री विशुद्ध सागर जी महाराज का मंगल चातुर्मास जारी है। धर्मसभा में उन्होंने कहा कि शौच धर्म का अर्थ केवल बाहरी...

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दसलक्षण महापर्व धर्म के दस लक्षणों से जीवन और समाज में शान्ति स्थापित करता है : विश्व शान्ति का आधार है दसलक्षण महापर्व – आचार्य विमर्श सागर जी

आचार्य श्री विमर्श सागर जी महामुनिराज ने कहा कि दसलक्षण महापर्व केवल जैनों का पर्व नहीं है बल्कि यह सम्पूर्ण मानव समाज के लिए जीवनोपयोगी है। धर्म के दस लक्षण...

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संत समागम से जीवन निर्मल और धर्म का मार्ग प्राप्त होता है : आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने धर्म और स्वाध्याय का महत्व समझाया

धर्म सभा में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने संत समागम, स्वाध्याय, अभिषेक पूजन और धर्म के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने जीवन निर्मल होने, सम्यक दर्शन प्राप्त...

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मुनिश्री विबोधसागर ने कहा जैन दर्शन में त्रिरत्न ही सर्वाेपरि : बड़े जैन मंदिर में मधुर प्रवचन से हो रही धर्म प्रभावना 

श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती बड़ा मंदिर में जैन संतों के आध्यात्मिक मंगल वर्षायोग में प्रतिदिन चल रही मधुर प्रवचनों की श्रृंखला में आचार्यश्री आर्जवसागरजी...

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