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संतवाणी

संतवाणी : समाज में समरसता आवश्यक है – मुनि श्री प्रमाण सागर जी

समाज में एकता आवश्यक है, अगर हाथ की पांचों उंगलियों में स्वयं को एक- दूसरे से सर्वश्रेष्ठ मानने की होड़ शुरू हो जाये, तो सोचिये क्या होगा। अंगूठा अहंकार से...

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