जब मनुष्य अपनी ही बनाई हुई दौड़ में थककर बैठता है, तब उसे छाँव की याद आती है—वह छाँव जो केवल पेड़ों की नहीं, बल्कि जीवन की होती है। जैन परंपरा के 24 तीर्थंकरों...
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श्री दिगम्बर जैन स्वाध्याय मण्डल के तत्वावधान में सप्तम वार्षिकोत्सव पर श्री 170 तीर्थंकर विधान शुरू हुआ। विधान के शुभारंभ में यज्ञ नायक के आवास से अष्टद्रव्य...








