Tag - राजेश पंचोलिया

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भगवान ने द्रव्य, भाव और नौ कर्म रूप जन्म-जरा-मरण रूपी नगर को नष्ट किया — आचार्य वर्धमान सागर जी : सहस्त्रनाम विधान की पूजा में भगवान के गुणों का वर्णन

सहस्त्रनाम मंडल विधान के दौरान आचार्य वर्धमान सागर जी ने बताया कि भगवान ने द्रव्य, भाव और नौ कर्म रूप तीन पुर — जन्म, जरा और मरण रूपी नगर को नष्ट किया है। पूजन...

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आचार्य वर्धमान सागर जी के सान्निध्य में सहस्त्र महा मंडल विधान का शुभारंभ : भगवान के 1008 गुणों का हुआ गुणानुवाद और पूजन, श्रावकों ने भावपूर्वक अर्पित किए अध्र्य

आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के मंगल सान्निध्य में सहस्त्रनाम विधान का आरंभ हुआ, जिसमें भगवान के 1008 दिव्य गुणों का गुणानुवाद एवं अध्र्य समर्पण श्रद्धा के साथ...

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प्रथमाचार्य श्री शांति सागर जी महाराज का दो दिवसीय आचार्य पद प्रतिष्ठापना शताब्दी महोत्सव संपन्न : आचार्य वर्धमान सागर जी ने किया गुणानुवाद

टोंक में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के सान्निध्य में प्रथमाचार्य श्री शांति सागर जी महाराज के आचार्य पद प्रतिष्ठापना शताब्दी महोत्सव का दो दिवसीय...

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आचार्य वर्धमान सागर बोले-वैराग्य, व्रत संयम और रत्नत्रय से संवेग भावना जाग्रत होती है: 15 अगस्त का संदेश — जैसे देश आज़ाद हुआ, वैसे ही आत्मा को भी कर्म बंधन से मुक्त कराना है

आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने 16 कारण भावना अंतर्गत संवेग भावना की विस्तृत विवेचना करते हुए कहा कि मनुष्य जीवन में वैराग्य, व्रत संयम और रत्नत्रय से ही सच्चा...

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आत्मा का वास्तविक घर सिद्धालय सात राजू ऊपर स्थित है : विनयसंपन्नता भावना मोक्ष का द्वार है – आचार्य श्री की मंगल देशना

टोंक में सोलहकारण भावना पर्व के अंतर्गत आज दूसरी विनयसंपन्नता भावना का दिवस मनाया गया। आचार्य वर्धमान सागर जी ने धर्मसभा में विनय को मोक्ष का द्वार बताते हुए...

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