संसारी प्राणी का मन बहुत जल्दी किसी भी अच्छे स्थान से ऊब जाता है और उसे अपने उस घर की चार दीवारी याद आने लगती है। भले ही वह झोंपड़ी में ही क्यों न रहता हो। यह...
Tag - मुनि श्री संभवसागर जी
आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज के आशीर्वाद से उनके द्वितीय समाधि दिवस पर जन-जन की सेवा करने का लक्ष्य रखा गया। उससे आचार्य श्री की भावना आयुर्वेद की शक्ति को...
देवाधिदेव भगवान आदिनाथ स्वामी वर्रो बाले बाबा का निर्वाण महोत्सव एवं 108 रिद्धि मंत्रों के साथ निर्वाण लाडू मुनिसंघ के सानिध्य में शीतलधाम में शनिवार को चढ़ाया...
जैनधर्म में पांच परमेष्ठियों का विशेष महत्त्व है । पांचों परमेष्ठियों में आचार्य तीसरे नंबर के परमेष्ठी हैं। जो पंचाचार का स्वयं पालन करते हैं और शिष्यों से...








