वात्सल्य वारिधी आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी महाराज के शिष्य मुनि अर्पित सागर ने कहा कि जो सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चारित्र से सहित होता है, वह...
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संकल्प करने से अपने आप में शक्ति आती है और कार्य सफल होते हैं। जीवन में मुख्यतया ये शक्तियां काम करती हैं और उत्साह लाती हैं- संकल्प, साहस और संगठन। उक्त विचार...
भक्ति का मतलब होता है पूज्य पुरुषों और गुणवान पुरुषों के गुणों का स्मरण करना, याद करना, उनके गुणों का बखान तथा उनके जैसे गुणों को प्राप्त करने का प्रयत्न करना...
दिगंबर जैन मंदिर में आचार्य वर्धमानसागर के संघस्थ मुनि अर्पित सागर ने धर्म उपदेश देते हुए कहा कि यह शरीर क्या है, जो जीर्ण होता है और जो शरीर नाम कर्म के उदय...
– श्री 1008 चंद्रप्रभु मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि 108 श्री अपूर्व सागर महाराज ने ये बताया कि मनुष्य भव पाने के लिए सुरपति भी तरसते हैं...
◆ विद्वानों, समाजसेवियों, श्रेष्ठिजनों ने किया वर्चुअल गुणानुवाद ◆ संयम से ही मनुष्य जीवन की शोभा है : मुनि श्री अपूर्वसागर @ डॉ. सुनील जैन संचय ललितपुर ।...








