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भव्य पिच्छिका परिवर्तन एवं णमोकार मंत्र लेखन पुरस्कार वितरण 26 को : मुनिश्री विलोकसागर जी ने कहा-मंत्रों की साधना के लिए तन-मन और शरीर की शुद्धि आवश्यक 

सभी धर्मों में मंत्रों के जप को प्राथमिकता दी गई है। अध्यात्म में मंत्रों का विशेष महत्व बताया गया है। मंत्रों के जाप से मन को शांति, आत्मबल में वृद्धि, पापों...

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