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कषायों से आत्मा मलिन होती है, धर्म आराधना से ही दूर हो सकती है : सत्य धर्म आत्मा के हित में है – आचार्य वर्धमान सागर जी

दशलक्षण महापर्व के अवसर पर आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने धर्मसभा में सत्य धर्म की गहन विवेचना करते हुए कहा कि वचन ही सत्य है और आत्मा ही वास्तविक सत्य है।...

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