Tag - आत्मा

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मंडी बड़ौत में हुए मंगल प्रवचन में जैन धर्म का संदेश : जीवन के उच्च आदर्शों और आत्म अन्वेषण पर दिया बल 

 उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के मंडी-बड़ौत में शुक्रवार को भावलिंगी संत द्वारा मंगल प्रवचन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जैन धर्म के उपदेशों पर आधारित था।...

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विश्व में शांति हेतु क्षमा धर्म अपनाने की आवश्यकता : पर्यूषण पर्व के अवसर पर सामूहिक क्षमा याचना और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ कार्यक्रम।

अंबाह में जैन बगीची में आयोजित क्षमावाणी महोत्सव में पूर्व विधायक सत्य प्रकाश सखवार ने उपस्थित लोगों को क्षमा धर्म अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में सामूहिक...

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विश्व में शांति हेतु क्षमा धर्म अपनाने की आवश्यकता : पर्यूषण पर्व के अवसर पर सामूहिक क्षमा याचना और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ कार्यक्रम।

अंबाह में जैन बगीची में आयोजित क्षमावाणी महोत्सव में पूर्व विधायक सत्य प्रकाश सखवार ने उपस्थित लोगों को क्षमा धर्म अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में सामूहिक...

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कषायों से आत्मा मलिन होती है, धर्म आराधना से ही दूर हो सकती है : सत्य धर्म आत्मा के हित में है – आचार्य वर्धमान सागर जी

दशलक्षण महापर्व के अवसर पर आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने धर्मसभा में सत्य धर्म की गहन विवेचना करते हुए कहा कि वचन ही सत्य है और आत्मा ही वास्तविक सत्य है।...

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अहंकार और वहम से दूर रहना ही धर्म का मार्ग: क्षुल्लक महोदय सागर : पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म पर हुआ प्रवचन

धरियावद स्थित श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन क्षुल्लक 105 श्री महोदय सागर जी महाराज ने श्रद्धालुओं को अहंकार और वहम से दूर रहने...

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सनावद में मुनि श्री विश्वसुर्य सागर जी ने स्वतंत्रता दिवस पर समाजजनों को पराधीनता से स्वाधीनता का मार्ग बताया : आत्मा को कर्मों से मुक्त कर वास्तविक स्वतंत्रता प्राप्त करने का संदेश दिया

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुनि श्री विश्वसुर्य सागर जी महाराज ने उपस्थित समाजजनों को संबोधित करते हुए बताया कि केवल भौतिक स्वतंत्रता ही नहीं, बल्कि आत्मिक...

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धर्मसभा में हुए प्रवचन : दुश्मनों के सामने जाना है तो दार्शनिक बनकर जाओ और आत्मा में लीन होना है तो धर्मात्मा बनकर आओ – निर्यापक मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज

धर्म को दर्शनशास्त्र में पक्ष, साध्य बोलते हैं, जिसे साधा जाये वो धर्म है, पक्ष है। जिससे साधा जाए वह कारण है, साधन है, दर्शन है, न्याय है। भगवान के सामने जाते...

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देश का सबसे बड़ा व भव्य पंचकल्याणक महोत्सव गांधी नगर स्थित सुमतिधाम पर हुआ शुरू : 5000 हजार इंद्र-इंद्राणियों ने सामूहिक से किया पूजन

देश के सबसे बड़े व भव्य पंचकल्याणक महोत्सव की शुरूआत बुधवार को सुमतिधाम पर चर्याशिरोमणि श्री 108 विशुद्धसागर जी महाराज के सान्निध्य में हुई। सुबह के सत्र में...

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विश्व योग दिवस पर विशेष: योग हमें खुद से मिलाता है

आलेख:- डॉ. सुनील जैन संचय ललितपुर। योग की उत्पत्ति प्राचीन समय में योगियों द्वारा भारत में हुई थी। योग का अर्थ है जुड़ना, मन को वश में करना और वृत्तियों से...

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