पहले जब परिवारों की संख्या कम थी तब समाज में नवजात शिशुओं का ढूंढोत्सव होता था। मगर आज के समय में जब परिवारों की संख्या कई गुना बढ़ने के बाद भी शिशुओं की...
Tag - अंतरंग
मुंगाणा में संघ सहित विराजित आचार्यश्री वर्धमान सागरजी ने दोपहर को शास्त्र स्वाध्याय में अंतरंग और बहिरंग तप की विवेचना की। बगुले के माध्यम से बताया कि बगुला...








