Tag - Tirthankara

तीर्थ यात्रा

अतिशय तीर्थ पार्ट 23 मनवांछित इच्छाएं पूरी होती हैं यहां श्री सुमतकीर्ति भट्टारकजी महाराज उड़ा कर लाए थे इस मन्दिर को

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...

तीर्थ यात्रा

अतिशय तीर्थ पार्ट 22 शांतिनाथ और अजीतनाथ भगवान की चमत्कारी प्रतिमा हैं यहां बैलगाड़ी यहां से आगे ही नहीं बढ़ी और मूर्ति यहीं हो गई विराजमान

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...

समाचार

श्री कुंथूसागर जी महाराज के सानिध्य में होगा आयोजन : श्री 1008 आदिनाथ तीर्थंकर का लघु पंचकल्याणक महोत्सव एवं महामस्तकाभिषेक महोत्सव 14 फरवरी से 

 श्री 1008 आदिनाथ तीर्थंकर का लघु पंचकल्याणक महोत्सव और भगवान श्री बाहुबली स्वामी के प्रथम महामस्तकाभिषेक महोत्सव का आयोजन आगामी 14 से 16 फरवरी 2025 तक...

तीर्थ यात्रा

अतिशय तीर्थ पार्ट 21 मुसलमान बादशाह की हाथ जोड़े खड्गासन प्रतिमा मौजूद है इस मंदिर में यहां कुतुबुद्दीन ऐबक को भी नगर में आक्रमण करने पर भगवान श्री आदिनाथ के समक्ष नतमस्तक होना पड़ा था

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीरआदिनाथ और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के...

तीर्थ यात्रा

अतिशय तीर्थ पार्ट 20 इस पवित्र मंदिर में पांच भूमिगत स्तर हैं, जिनमें से पांचवां तल हमेशा बंद रखा जाता है यक्षों द्वारा संरक्षित एक प्राचीन छोटा मंदिर है यहां

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...

तीर्थ यात्रा

अतिशय तीर्थ पार्ट 19 काले पत्थर से बनी मूर्ति होने के कारण इस मंदिर का एक नाम है कालाजी मंदिर सदियों से भगवान को केसर भेंट करने की परंपरा रही है इस मंदिर में

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...

आलेख श्रीफल ओरिजिनल

26 दिसंबर को मनाया जाएगा भगवान चंद्रप्रभ का जन्म और तपकल्याणक : जानिए भगवान चंद्रप्रभ के देश भर के प्रमुख अतिशय क्षेत्रों के बारे में

भगवान चंद्रप्रभ का जीवन तपस्या और साधना से परिपूर्ण था, और उनके जीवन के कई प्रसंगों से भक्तों को प्रेरणा मिलती है। 26 दिसंबर को भगवान चंद्रप्रभु के जन्मकल्याणक...

समाचार

1151 वर्ष पुरानी वासुपूज्य भगवान की प्रतिमा स्थापित है इस मंदिर में : डिजिटल तकनीक का उपयोग करके इस प्रतिमा का मूल स्वरूप किया प्रस्तुत

 श्री 1008 वासुपूज्य दिगंबर जैन मंदिर भूधर तीर्थ श्रीकेशरियाजी से मात्र 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां पर मूलनायक श्री 1008 वासुपूज्य भगवान की अत्यंत...

तीर्थ यात्रा

अतिशय तीर्थ पार्ट 18 यहां रात को होता है देवताओं का आगमन, सुनाई देती है घुंघुरुओं की आवाज आज तक कोई नहीं कर पाया है इस मंदिर के खम्बों की सही गिनती

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...

तीर्थ यात्रा

अतिशय तीर्थ पार्ट 17 मूर्ति प्रकट होने के बाद इलाके में आई समृद्धि और खुशहाली यहां दर्शन मात्र से दूर होती हैं भूत-प्रेत की समस्याएं या परेशानियां

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...

You cannot copy content of this page