समय और सांस का कोई भरोसा नहीं हैं, ये दोनों ही निकल जाएं तो वापिस नहीं आते । श्वास तो कर्मो के अधीन हैं, लेकिन समय को हम पकड़ सकते हैं, समय के अनुरूप चल सकते...
समय और सांस का कोई भरोसा नहीं हैं, ये दोनों ही निकल जाएं तो वापिस नहीं आते । श्वास तो कर्मो के अधीन हैं, लेकिन समय को हम पकड़ सकते हैं, समय के अनुरूप चल सकते...
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