पाषाण से भगवान बनाने की मात्र एक क्रिया ही नहीं बल्कि भाव विशुद्धि के साथ भगवान की भक्ति करके भवसागर से पार उतरने का एक अतिउत्तम मार्ग है, उपरोक्त उद्गार मुनि...
पाषाण से भगवान बनाने की मात्र एक क्रिया ही नहीं बल्कि भाव विशुद्धि के साथ भगवान की भक्ति करके भवसागर से पार उतरने का एक अतिउत्तम मार्ग है, उपरोक्त उद्गार मुनि...
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