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जैन संस्कृति और तीर्थ सुरक्षा पर राष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन : दो दिवसीय सम्मेलन 25-26 अक्टूबर को दिल्ली में होगा

आचार्य प्रज्ञसागरजी के सान्निध्य में जैन संस्कृति और तीर्थ सुरक्षा पर राष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन होगा। इस आयोजन में देशभर से 50 से अधिक विद्वान जुड़ेंगे। नई...

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साधु संत चलते फिरते तीर्थ हैं – मुनिश्री विबोधसागर जी : साधु संत संयमी जीवन की प्रेरणा देते हैं – मुनिश्री विलोकसागर

मुरैना के बड़े जैन मंदिर में आयोजित धर्मसभा में मुनिश्री विलोकसागरजी और मुनिश्री विबोधसागरजी ने साधु संतों के महत्व पर प्रवचन दिया। उन्होंने कहा कि जैन साधु...

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जैन तीर्थ क्षेत्र मुरैना में होगा महामस्तकाभिषेक महोत्सव ; 14 सितम्बर को उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

आदिनाथ दिगम्बर जैन ज्ञानतीर्थ क्षेत्र, मुरैना में 14 सितम्बर 2025 को वार्षिक महामस्तकाभिषेक महोत्सव भव्य रूप से आयोजित होगा। देशभर से श्रद्धालु पहुंचेंगे और...

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त्याग धर्म की गूंज के साथ मनाया दशलक्षण का आठवां दिन : मोती कटरा जैन मंदिर में श्रद्धालुओं ने लिया आत्मशुद्धि का संकल्प

आगरा के मोती कटरा स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर में दशलक्षण महापर्व के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म की आराधना श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुई।...

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सहारनपुर में दशलक्षण पर्व पर आचार्य श्री ने बताया त्याग का महत्व : संग्रहवृति दुःख का कारण है, “उत्तम त्याग धर्म” सुख का मार्ग – आचार्य विमर्शसागर

सहारनपुर में दशलक्षण पर्व के अंतर्गत आचार्य श्री विमर्शसागर जी ने कहा कि संग्रहवृति दुःख का कारण है और त्याग धर्म ही जीवन को सुखी बनाता है। निस्वार्थ दान और...

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दशलक्षण पर्व के सप्तम दिन उत्तम तप धर्म की महिमा पर प्रवचन : इच्छाओं को रोकना ही सच्चा तप है – आचार्य विनिश्चय सागर जी महाराज

रामगंजमंडी में दशलक्षण पर्व के सप्तम दिन परम पूज्य आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर जी महाराज ने उत्तम तप धर्म की महिमा पर प्रवचन दिया। उन्होंने कहा कि इच्छाओं को...

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दशलक्षण महापर्व का सातवाँ दिन – उत्तम तप का संदेश : आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महामुनिराज का प्रवचन

तरुणसागरम तीर्थ, कोडरमा में दशलक्षण महापर्व के सातवें दिन परम पूज्य आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागरजी महामुनिराज ने उपस्थित गुरु-भक्तों को उत्तम तप धर्म का संदेश...

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अनन्त चतुर्दशी पर हर घर से भेजी जाएगी पूजन की थाली : संत महापुरुष तपोबल से ही प्राप्त करते हैं सिद्धत्व – मुनिश्री विलोक सागर

मुरैना के बड़े जैन मंदिर में मुनिश्री विलोक सागरजी ने प्रवचन में कहा कि इच्छाओं पर नियंत्रण और आत्म संयम ही उत्तम तप धर्म है। पर्यूषण पर्व के अंतिम दिन अनंत...

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पत्तों पर साधना का सृजन – मुनिश्री शुद्धात्मसागर जी की लीफ आर्ट प्रदर्शनी : इंदौर में 5 सितम्बर तक चलेगी लीफ आर्ट एग्जिबिशन

इंदौर में साधना और सृजन का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। मुनिश्री 108 शुद्धात्मसागर जी महाराज की लीफ आर्ट प्रदर्शनी 5 सितम्बर तक आयोजित की जा रही है। यह कला...

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तीर्थंकर पद भी संयम धारण किए बिना संभव नहीं, मंगल देशना : आत्मा की उन्नति के लिए संयम रूपी ऊर्जा शक्ति जरूरी – आचार्य वर्धमान सागर

दसलक्षण पर्व के छठे दिन आचार्य वर्धमान सागर जी ने कहा कि आत्मा की उन्नति और तीर्थंकर पद की प्राप्ति के लिए संयम रूपी ऊर्जा शक्ति अत्यंत आवश्यक है। संयम जीवन का...

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