Tag - Jain monk Sudhasagar Maharaj श्रीफल जैन न्यूज

सम्मेदशिखर

णमोकार मंत्र में ताकत नहीं है, मेरे णमोकार मंत्र में ताकत है- मुनि श्री सुधासागर जी महाराज

प्रतिक्षण और प्रति समय कुछ नया जीने का कला हमारे अंदर होनी चाहिए; बासी खाना हमें पसंद नहीं होना चाहिए। जो लोग किस्मत के भरोसे जिंदगी जीते हैं, उन्हें...

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धर्मसभा में दिए प्रवचन : जब भी घर लौटो, तो प्रसन्नचित्त होकर लौटना- निर्यापक मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज

हमारा मन अक्सर हमारे अनुकूल नहीं होता, और हम चाहते हैं कि दुनिया हमारे अनुसार चले। नीति यही कहती है कि पहले अपने मन को इस पर मजबूर करो कि वह वही सोचता रहे, जो...

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धर्मसभा में दिए प्रवचन : जो तुम्हारी दृष्टि में अच्छा हो, उसके साथ बुरा व्यवहार मत करना- मुनि श्री सुधासागर जी महाराज

जब हम अपनी इच्छाओं और उपादान के अनुसार दुनिया में परिवर्तन की अपेक्षा करते हैं, तब हमें यह समझना चाहिए कि यह संभव नहीं है। अग्नि कभी पानी नहीं बन सकती, लेकिन...

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धर्मसभा में दिए प्रवचन : बुरे कार्यो की बुराई करना भी धर्म है- निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज

महान आत्माएं एक वो होती है जो महान गुणों को धारण करती हैं, दूसरी वे आत्मायें होती है जिन्हें दुनिया के हर जीव में महानता दिखती है। ऐसे ही सज्जन आदमी भी होते...

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धर्मसभा में दिए प्रवचन : जिस दिन तुमने स्वयं को संसार का सबसे बड़ा पापी मान लिया, उसी दिन से तुम धर्मात्मा बनना शुरू हो जाओगे- निर्यापक मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज

सागर। जितना एक व्यक्ति अच्छा बनने का प्रयास कर रहा है, उतना वह अच्छा नहीं बन पा रहा है। जितनी ऊंचाई को छूने का प्रयत्न कर रहा है, उतना ऊंचा उठ नहीं पा रहा।...

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