Tag - Inner Soul

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वैराग्य की शुरुआत स्वयं से होती है : मुनि श्री विव्रत सागर जी का आत्म-पहचान के महत्व पर जोर

स्थानीय जैन धर्मशाला में 48 वें दिन मुनि श्री विव्रत सागर जी मुनिराज ने प्रवचन करते हुए आत्म-पहचान के महत्व पर जोर देते हैं। उन्होंने कहा कि स्वयं को शरीर या...

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सुख-दुख जीवन का हिस्सा, प्रतिकार से बचें – प्रवचन में मुनि श्री का संदेश : जीवन में घट रही हर घटना को स्वीकारें – मुनि प्रमाण सागर

भोपाल के अवधपुरी स्थित प्रवचन मंच से मुनि श्री प्रमाण सागर जी ने कहा कि जीवन में जो कुछ भी घट रहा है उसे सहजता से स्वीकार करें। प्रतिकार, वहिष्कार या सत्कार –...

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