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धर्मसभा में दिए प्रवचन : आज घरों में वैभव तो बहुत है, पाप को भोगने के हजार साधन भी- मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज

जीव की भूमिकाएं बदलती रहती हैं। आप जिस- जिस पर्याय में जन्म लेते हैं उस पर्याय की अपनी-अपनी भूमिका होती है। यह भूमिका मृत्यु के साथ बदल जाती है। आज मैं जिस...

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धर्म प्रभावना रथ के दूसरा पड़ाव का सातवां दिन : जो इंसान को भी जानवर बना दे, वह संत, पंथ हमारे किसी काम का नहीं- अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज 

अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज के चातुर्मास धर्म प्रभावना रथ के दूसरे पड़ाव के सातवें दिन हाई लिंक सिटी में बड़ी भक्ति भाव से भक्तामर महामंडल विधान...

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धर्म सभा में दिए प्रवचन : आत्मा के नैसर्गिक गुण का नाम है सुख – मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज

छत्रपति नगर के दलाल बाग में मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि जब आप बच्चों को विदेश में पढ़ने के लिए भेजते हैं तो उसके लिए पूरी...

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यक्ष-यक्षिका के मध्य नवग्रहो के चित्रण दुर्लभ हैं : बदनावर वर्द्धमानपुर की भगवान श्री पार्श्वनाथ जी महत्वपूर्ण 7 प्रतिमाएं

जैन धर्म के तेईसवें तीर्थंकर भगवान श्री पार्श्वनाथ जी का 2801वां निर्वाण कल्याणक महोत्सव आगामी 11 अगस्त रविवार को मनाया जाएगा। देश में भगवान पार्श्वनाथ की कई...

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धर्म के पतन को रोकना हम सभी के हाथों में है : श्री सिद्ध क्षेत्र गिरनार जी मेरी दृष्टि में 

सिद्ध क्षेत्र गिरनार जी एवं पावागढ़ के दर्शन व भ्रमण करने का अवसर विगत दिवस मिला जो अनुभव व विचार मन में आए उन्हें टी के वेद सभी के साथ शेयर करना चाहते हैं। इसी...

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धर्म प्रभावना रथ के दूसरा पड़ाव का छठा दिन : वर्तमान में जीने का पुरुषार्थ करो, अवसाद मुक्त रहो – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज 

अंतर्मुखी मुनि पूज्यसागर जी महाराज ने चातुर्मास के दूसरे पड़ाव के छठे दिन हाई लिंक सिटी पर धर्म सभा में कहा कि अवसाद मुक्त रहो। वर्तमान में जीने का पुरुषार्थ...

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धर्मसभा में दिए प्रवचन : आपको प्रवृत्ति वाला धर्म नहीं प्रकृति वाला धर्म करना है- मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज

छत्रपति नगर के दलाल बाग में मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि आपको प्रवृत्ति वाला धर्म नहीं, प्रकृति वाला धर्म करना है । हम सभी...

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धर्मसभा में दिए प्रवचन : चतुर्मास धर्म अराधना का महापर्व है 

 इस समय तीर्थ यात्रा में जाना भी पाप है क्योंकि आवागमन में हिंसा की प्रबल संभावना है इसीलिए संत चार महीने में एक स्थान पर रहकर धर्म आराधना करते हैं। जो आत्मा...

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सन्मतिवाणी पत्रिका का हुआ विमोचन : महाराज श्री से आशीर्वाद प्राप्त किया 

इंदौर के दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद के पदाधिकारियों ने जयपुर में विराजमान अर्हम योग प्रणेता मुनि श्री प्रणम्य सागर जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। पढ़िए...

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धर्म प्रभावना रथ के दूसरे पड़ाव का पांचवा दिन : ध र्म ही सच्चा मित्र है, बाकी सब आडंबर है – अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज 

अंतर्मुखी मुनि पूज्यसागर जी महाराज ने चातुर्मास के दूसरे पड़ाव के पांचवे दिन हाई लिंक सिटी पर धर्म सभा में कहा कि धर्म ही ऐसा सच्चा मित्र है जो संसार से मोक्ष...

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