Tag - Chandraprabhu Digambar Jain Temple

समाचार

गंगेगौरी बलकेश्वर जैन मंदिर में हो रहा विधान : मिल रहा गुरुमां का मंगल सानिध्य

 चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर गंगेगौरी बलकेश्वर में आर्यिका श्री विश्रेयश्री माताजी के पावन सानिध्य में आयोजित श्री कल्पद्रुम महामंडल विधान एवं विश्व शांति...

समाचार

आचार्य श्री सुबल सागर जी ससंघ का जैन मंदिर में मंगल प्रवेश : चंद्रप्रभु भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा के साथ आचार्य श्री के प्रवचन हुए 

नगर गौरव आचार्य श्री सुबल सागर जी महाराज ससंघ का गौरी किनारा जैन मंदिर में मंगलवार को मंगल प्रवेश हुआ। आचार्य श्री के सानिध्य में श्री 1008 चंद्रप्रभु दिगंबर...

समाचार

चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में चल रही धार्मिक कक्षाओं में बच्चे -बड़े सीख रहे धार्मिक क्रियाएं समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे धर्म ग्रंथ की शिक्षा

1008 श्री चंद्रप्रभु दिगम्बर जैन समाज मंदिर शंकर नगर, रायपुर में दिगंबर जैन धर्म जिनागम ज्ञान की धारा अविरल बहती रहे। इस निमित्त से मंदिर विगत 1 वर्ष से...

समाचार

दूसरे के दुख को अपना समझकर दूर करना ही दया – मुनि अपूर्व सागर दया से बड़ा कोई धर्म नहीं

वात्सल्य वारीधि आचार्य श्री वर्द्धमान सागर जी महाराज के शिष्य मुनि श्री अपूर्व सागर जी महाराज ने कहा कि धर्म का मूल दया है। वीतराग धर्म के अलावा संसार में अन्य...

समाचार

धर्म के बिना कोई भी आत्मा सुखी नहीं - मुनि अपूर्व सागर पंच परमेष्ठी के मन में रहता है धर्म 

अन्याय और अधर्म इस लोक के साथ ही परलोक में भी दुख देने वाले हैं।धर्म के बिना इंसान चलती फिरती लाश के समान है । धर्म को ज्ञानी लोगों ने संचय किया है। धर्म को...

समाचार

धर्म हमारा रक्षक है बाकी सब भक्षक – मुनि अपूर्व सागर: मुनिश्री ने धर्म के बताए 16 सुख

मुनि श्री अपूर्व सागर ने चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जिन धर्म, वीतराग धर्म, सुख की खान है। यह सभी का हित करने वाला होता...

समाचार

धर्म के सिवाय कोई मित्र नहीं– मुनि अपूर्व सागर  मुनिश्री ने धर्म के बताए 16 सुख

मुनि श्री अपूर्व सागर ने चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जिन धर्म, वीतराग धर्म, सुख की खान है। यह सभी का हित करने वाला होता...

समाचार

सत्संग है अच्छा इंसान बनाने की फैक्ट्री : मुनि अपूर्व सागर मनुष्यों को भव से रहित भगवान का आश्रय लेना चाहिए : मुनि श्री अर्पित सागर

आचार्य 108 श्री वर्धमान सागर जी महाराज के शिष्य मुनि अपूर्व सागर ने चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए सत्संग को अच्छा इंसान बनाने की...

You cannot copy content of this page