Tag - Bhagwan Aadinath

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सात पीढ़ीयों को तारने वाली नारी सम्मान की यह परंपरा विश्व समाज के लिए बनेगी प्रेरणा-आचार्य 108 श्री विप्रणत सागरजीः नेसी मातृशक्ति को दिया ब्राह्मी सुंदरी संस्कार अलंकरण

बड़वानी के सतपुड़ा की तलहटी में बसा बावनगजा इन दिनों धर्म, संस्कृति, अध्यात्म और सेवा-समर्पण का केंद्र बना हुआ है। यहां विराजित 1008 श्री भगवान आदिनाथजी की 52 गज...

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श्री विप्रणत सागरजी के सानिध्य में बावनगजा सिद्ध क्षेत्र के वार्षिक मेले में भव्य महिला सम्मेलनः ब्राह्मी सुंदरी अलंकरण से सम्मानित होंगी महिला संगठन

श्री विप्रणत सागरजी महाराज के सानिध्य में आगामी माघ कृष्ण त्रयोदशी और चतुर्दशी को जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ के मोक्ष कल्याणक और मस्तकाभिषेक होगा।...

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जैनत्व को सही पहचान दिलाए भगवान आदिनाथ का निर्वाणोत्सव मनाएः राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ भारत ने किया आह्वान 

जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभनाथ का निर्वाण कल्याणक भारतवर्षीय जैन समाज आवश्यक रूप से धूमधाम से मनाए। वास्तविक रूप से जैन धर्म अनाधि निधन धर्म है और...

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इक्षु रस से अभिषेक कर मनाई गई अक्षय तृतीया : समाजजनों ने किया सामूहिक पूजन

जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ का जन्म चैत्र कृष्ण नौवीं के दिन सूर्योदय के समय हुआ। उन्हें ऋषभनाथ भी कहा जाता है। पढ़िए सन्मति जैन काका की यह...

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अक्षय तृतीया पर आयोजन : जैन मिलन स्वतंत्र डबरा ने किया गन्ने के रस का वितरण 

जैन मिलन स्वतंत्र डबरा द्वारा आर्यिका श्री विश्रेय श्री माता जी के सानिध्य में अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर भगवान आदिनाथ का अभिषेक किया गया। इस अवसर पर गन्ने...

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पशु आहार भी किया दान : अक्षय तृतीया पर इक्षु रस का वितरण

इंदौर(राजेश जैन दद्दू)। आदिनाथ दिगंबर जैन महिला मंडल कनाडिया रोड सविंदनगर द्वारा अक्षय तृतीया के पावन दिवस पर मंदिर जी के बाहर इक्षु रस वितरण किया गया और दयोदय...

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जैन धर्म की पताका लहराई: अक्षय तृतीया पर अंजनी नगर हुआ भक्ति नगर

इंदौर(राजेश जैन दद्दू)। अंजनी नगर में अक्षय तृतीया के पुण्य अवसर पर जैन धर्म की पताका घर घर खूब लहराई। अंजनी नगर में विगत 7 दिनों से विराजमान श्रुत सवेंगी मुनि...

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अक्षय तृतीया पर्व का महत्व: आज ही के दिन भगवान आदिनाथ को राजा श्रेयांश ने आहार दान कराया था 

भगवान आदिनाथ मुनि दीक्षा लेने के पश्चात छह माह के उपवास की प्रतिज्ञा लेकर ध्यान मग्न हो गए। व्रत समाप्ति पश्चात वे आहार के लिए निकले किन्तु मुनियोचित आहार विधि...

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