रामगंजमंडी में दशलक्षण पर्व के तीसरे दिन आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि कपट और छल का कोई भी कल्याण नहीं होता। सरल स्वभाव...
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मुरैना स्थित श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन पल्लीवाल मंदिर में पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने उत्तम आर्ज़व धर्म के अनुसार पूजा-अर्चना, अभिषेक और विधान...
धरियावद स्थित श्री चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन क्षुल्लक 105 श्री महोदय सागर जी महाराज ने श्रद्धालुओं को अहंकार और वहम से दूर रहने...
बड़वानी में 30 सितंबर भद्र शुक्ल सप्तमी को पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म के रूप में मनाया गया। आर्यिका विकुंदन श्री माताजी ने धर्म सभा में आर्जव...
दशलक्षण पर्व के तृतीय उत्तम आर्जव दिवस पर आचार्य श्री वर्धमानसागर जी ने अपनी देशना में कह कि भगवान की इंद्रध्वज मंडल विधान की पूजन सामान्य बात नहीं है। बहुत...
जैनों का सर्वाधिक महत्वपूर्ण पर्व है पर्युषण पर्व। पर्युषण पर्व का शाब्दिक अर्थ है− आत्मा में अवस्थित होना। पर्युषण का एक अर्थ है कर्मों का नाश करना। पर्यूषण...
पलवल स्थित पार्श्व पद्मावती धाम में दशलक्षण पर्व के अवसर पर आर्जव धर्म की भव्य आराधना हुई। अभिषेक, शांतिधारा, पूजन और प्रवचनों के साथ श्रद्धालुओं ने निष्कपट...
अंबाह में पर्युषण पर्व के दूसरे दिन उत्तम मार्दव धर्म की आराधना हुई। विद्वानों ने अहंकार त्यागकर विनम्रता अपनाने का संदेश दिया। पंडित आयुष शास्त्री के प्रवचनों...








