भगवान आदिनाथ ने जीवन में पुरुषार्थ करने और विभिन्न विद्याओं व कलाओं के माध्यम से जीवन को व्यवस्थित ढंग से जीने का उपदेश दिया। भगवान आदिनाथ की जयंती पर पढ़िए...
Tag - antarmukhi
प्रकृति के अनुसार रहना ही मुनि दीक्षा धर्म प्रभावना और आत्म कल्याण से मोक्ष का द्वार है दीक्षा जैन धर्म में संन्यास को दीक्षा कहा है। पुरुष की दीक्षा में तीन...
जो व्यक्ति अपने मन को काबू में नहीं रख पाता, वह कभी सफलता प्राप्त नहीं कर पाता।
प्रतिदिन चैतन्य नीति वाक्य पाने के लिए क्लिक करें
आलेख- अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज








