बिरले जीव होते हैं वह बूंद की तरह जन्म लेकर ऐसा महान पुरुषार्थ करते हैं कि बूंद को सागर की तरह बना लेते हैं। शेष लोग तो बूंद से जीवन को मिटाकर नई बूंद की तलाश...
बिरले जीव होते हैं वह बूंद की तरह जन्म लेकर ऐसा महान पुरुषार्थ करते हैं कि बूंद को सागर की तरह बना लेते हैं। शेष लोग तो बूंद से जीवन को मिटाकर नई बूंद की तलाश...
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