Tag - Acharya Sant Nilaya श्रीफल जैन न्यूज

समाचार

दूसरों की नजर से नहीं अपनी नजरों से देखे - मुनि श्री प्रतीकसागर मुनि श्री प्रतीकसागर कहा- मजाक मे भी गुणवानों का हास्य न करें

हम कर्मों के आस्रव और बन्ध मे तो लगे रहते है,परन्तु संवर और नीर्जरा पर ध्यान ही नहीं है! सामूहिक रूप से किया गया पाप का फल भी हमे सामूहिक रूप से भोगना पड़ता...

You cannot copy content of this page