@लेखक- अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव हैं। वे सुसीमा नगरी के राजा नाभिराय के पुत्र थे। ऋषभदेव ने ही आमजन को छह क्रियाएं...
Tag - aadinath bhgvan
सारांश देवाधिदेव 1008 श्री आदिनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक आगामी 20 जनवरी, शुक्रवार को हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज एवं...
भगवान आदिनाथ ने छह विद्याओं के साथ ही मानव (पुरुष) जाति को 72 कलाओं का ज्ञान भी दिया था। आइए जानते हैं इन कलाओं के बारे में- प्रस्तुति-अन्तर्मुखी मुनि...








