‘जीवन है पानी की बूंदे’ महाकाव्य के मूल रचनाकार आचार्य श्री विमर्शसागर जी ससंघ 35 पिच्छी के सानिध्य में नगर के नई मंडी क्षेत्र में श्री कल्पतीर्थ मंडपम में...
Tag - 24 समवशरण
नगर में 24 समवशरणों की अनुपम रचना की गई है। कल्पतीर्थ मण्डपम् में श्री 1008 कल्पद्रुम महामण्डल विधान की आराधना चल रही है।आचार्य श्री विमर्श सागर जी के विशाल...








